बंगाल में विचाराधीन वोटरों को लेकर सस्पेंस, जानें कहां तक पहुंचा है SIR का काम

Updated at : 15 Mar 2026 1:45 PM (IST)
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बंगाल में विचाराधीन वोटरों को लेकर सस्पेंस, जानें कहां तक पहुंचा है SIR का काम

Bengal Assembly Election: सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि जिन वोटरों के नाम 'विचाराधीन' हैं और जिन्हें इस सूची से हटाया जा रहा है, वे न्यायपालिका के विशेष न्यायाधिकरण में अपील कर सकते हैं. हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर भी लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

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Bengal Assembly Election : कोलकाता. चुनाव आयोग थोड़ी देर में बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान करने जा रहा है. पश्चिम बंगाल में अब तक वोटर लिस्ट फाइनल नहीं हुई है. करीब 60 लाख विचाराधीन वोटरों में से महज 15 लाख वोटरों के कागजात की जांच ही हो पायी है. ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि मतदान की तारीख तक सभी 60 लाख विचाराधीन वोटरों के दस्तावेजों की जांच पूरी हो पायेगी. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दे सकते हैं. वैसे चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इस सप्ताह एक सूची प्रकाशित की जा सकती है. हालांकि, अंतिम निर्णय अभी अदालत के हाथ में है.

कई जिलों में अभी भी काम बाकी

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर कलकत्ता उच्च न्यायालय की ओर से नियुक्त न्यायिक अधिकारी मतदाता सूची के आंकड़ों में विसंगतियों की जांच कर रहे हैं. वर्तमान में 700 से अधिक अधिकारी इस कार्य में लगे हुए हैं. आयोग ने 28 फरवरी को अपूर्ण मतदाता सूची जारी की थी. इसमें 60 लाख 6 हजार 675 नाम ‘विचाराधीन’ थे. शनिवार तक लगभग 18 लाख और नामों को सूची में शामिल किया जा चुका है. कई जिलों में विचाराधीन सूची को अंतिम रूप देने का कार्य पूरा हो चुका है. हालांकि, कुछ जिलों में अभी भी काफी काम बाकी है. कहां और कितना काम हो रहा है, इसकी जानकारी कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल प्रतिदिन ले रहे हैं.

मुर्शिदाबाद और मालदा में बहुत केस पेंडिंग

चुनाव आयोग के अधिकारियों की माने तो बांकुरा और पुरुलिया जैसे कुछ जिलों में विचाराधीन नामों को अंतिम रूप देने का काम पूरा हो चुका है. इससे पूरी मतदाता सूची भी तैयार की जा सकती है. हालांकि, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना, उत्तर दिनाजपुर और मालदा में अब भी काफी काम बाकी है. इन जिलों में विचाराधीन सूची में नामों की संख्या भी अपेक्षाकृत अधिक थी. एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में 7 करोड़ 66 लाख 37 हजार 529 नाम थे. आयोग द्वारा 28 तारीख को प्रकाशित सूची में कुल पात्र मतदाताओं की संख्या 6 करोड़ 44 लाख 52 हजार 609 है.

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सुप्रीम कोर्ट पर सब निर्भर

चुनाव आयोग का दावा है कि चुनाव की घोषणा के बाद भी ‘विचाराधीन’ सभी उम्मीदवारों के नाम नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक तय कर लिए जाएंगे और वे मतदान कर सकेंगे. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में इस बार मतदान के चरण पहले की तुलना में कम होंगे. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सभी ‘विचाराधीन’ उम्मीदवारों के नाम तय हो पाएंगे या नहीं, और यदि नहीं, तो क्या वे मतदान कर पाएंगे. किसी भी चुनाव के लिए पूर्ण मतदाता सूची प्राथमिक शर्त है. लंबित मतदाता सूची के आधार पर मतदान नहीं हो सकता. ऐसी स्थिति में, सर्वोच्च न्यायालय को अंतिम निर्णय लेना होगा. मतदान परिणामों की घोषणा के बाद ही यह मामला दोबारा अदालत में आ सकता है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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