टीएमसी का आरोप- अन्नपूर्णा भंडार भाजपा का पहला घोटाला, शुभेंदु अधिकारी ने दिया करारा जवाब

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शुभेंदु अधिकारी और साकेत गोखले.

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Annapurna Bhandar: पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार योजना को लेकर भाजपा और तृणमूल (TMC) में सियासी घमासान छिड़ गया है. टीएमसी नेता साकेत गोखले ने इसे भाजपा सरकार का पहला घोटाला बताया है, तो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी करारा जवाब दिया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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Annapurna Bhandar: पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की महत्वाकांक्षी अन्नपूर्णा भंडार योजना पर राजनीतिक युद्ध छिड़ गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिये सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाये हैं. गोखले ने दावा किया कि इस नयी योजना के तहत राज्य की लगभग 50 प्रतिशत महिला लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिये गये हैं. उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार का ‘पहला घोटाला’ करार दिया है.

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2.4 करोड़ में 1.1 करोड़ ही लाभार्थी क्यों बचीं : गोखले

साकेत गोखले ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2026 में बंगाल में महिला मतदाताओं की कुल संख्या 3.1 करोड़ थी. ममता बनर्जी सरकार की लक्ष्मी भंडार (Lakshmir Bhandar) योजना के तहत 2.4 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल रहा था. अब अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत केवल 1.3 करोड़ लाभार्थी ही क्यों बचीं?

ममता को वोट देने की सजा महिलाओं को दे रही भाजपा : तृणमूल

गोखले ने आरोप लगाया कि 1.1 करोड़ महिलाओं के नाम काटकर भाजपा सरकार उन महिलाओं को ‘सजा’ दे रही है, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस को वोट दिया था. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव डेरेक ओब्रायन ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ती रहेगी.

इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी ने 1.10 करोड़ महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किये अन्नपूर्णा भंडार के 3000-3000 रुपए

Annapurna Bhandar: शुभेंदु अधिकारी बोले- फर्जीवाड़ा रोकने के लिए रद्द हुए 27 लाख आवेदन

तृणमूल कांग्रेस के तीखे हमलों और आरोपों पर पलटवार करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shuvendu Adhikari) ने स्थिति स्पष्ट कर दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत योग्य महिला लाभार्थियों के खातों में सीधे नकद हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer – DBT) की पहली किस्त जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. लगभग 1.1 करोड़ खातों में राशि भेजी जा चुकी है.

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क्यों खारिज किये गये 27 लाख आवेदन

  • सरकार को कुल 1.6 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए थे.
  • गहन जांच के बाद विसंगतियों की वजह से 27 लाख आवेदन खारिज कर दिये गये.
  • आवेदनों के खारिज होने के मुख्य कारणों में आवेदक की मृत्यु, नागरिकता और निवास संबंधी गंभीर संदेह, मतदाता सूची (Electoral Roll) से नाम का हटना और एक ही लाभार्थी के नाम पर एक से अधिक (डुप्लीकेट) बैंक खाते होना शामिल हैं.

लाभार्थियों की कुल संख्या 1.3 करोड़ : अधिकारी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी तरह वैध और स्वीकृत लाभार्थियों की वास्तविक संख्या लगभग 1.3 करोड़ है. सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि राजस्व का दुरुपयोग न हो. केवल वास्तविक भारतीय नागरिकों व योग्य महिलाओं को ही योजना का सीधा लाभ मिल सके.

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