नगर निगम के इंजीनियरों पर हो सकती है कार्रवाई

महानगर में तालाब पाट कर बिल्डिंग का निर्माण करना कोई नयी बात नहीं है.
संवाददाता, कोलकाता.
महानगर में तालाब पाट कर बिल्डिंग का निर्माण करना कोई नयी बात नहीं है. पूर्व में कोलकाता के विभिन्न वार्डों में तालाब को पाट कर इमारत खड़ी करने का आरोप लगे हैं. अब फिर ऐसी ही एक शिकायत मेयर फिरहाद हकीम को मिली है. शुक्रवार को निगम में आयोजित टॉक टू मेयर कार्यक्रम में कोलकाता के बोरो सात के 67 नंबर वार्ड से एक व्यक्ति ने मेयर को फोन पर बताया कि यहां एक तालाब पर अवैध तरीके से इमारत बनायी जा रही है.
शिकायत सुनते ही मेयर भड़क गये. उन्होंने बोरो सात के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को इस पूरे मामले की जांच कर सोमवार तक उन्हें (मेयर) को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. मेयर ने कहा कि अगर तालाब को पाट कर इमारत का निर्माण किया जा रहा था तो इसकी जानकारी वार्ड के सहायक अभियंता (इंजीनियर) को क्यों नहीं थी ? मेयर ने कहा कि अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए इंजीनियरों को लॉक बुक की सुविधा दी गयी है. ताकि, अवैध निर्माण के मामले में वह सीधे विभाग के डायरेक्टर जनरल (डीजी) से शिकायत कर सकें. लेकिन अगर शिकायत सही है और तालाब को पाट कर इमारत का निर्माण चल रहा है तो सहायक अभियंता ने विभाग के डीजी को रिपोर्ट दी है या नहीं इसकी भी जांच की जायेगी.
उन्होंने कहा कि अगल शिकायत सही पायी जाती है तो तुरंत सहायक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शो कॉज कर सस्पेंड कर दिया जायेगा. मेयर ने कहा कि किसी तालाब को पाट कर इमारत बनना अवैध है. इस तरह के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. लगे हाथों मेयर ने डीजी बिल्डिंग को भी नसीहत भी दी. मेयर ने डीजी को सख्त रहने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि अगर आरोप सही साबित होता है तो इस मामले में निगम आयुक्त डीजी को भी शोकॉज करेंगे.
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