झारग्राम में अभिषेक बनर्जी का BJP पर हमला, कहा- UCC से खत्म हो जायेंगे आदिवासियों के रीति-रिवाज

Published by :Mithilesh Jha
Published at :17 Apr 2026 7:09 AM (IST)
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Abhishek Banerjee on UCC West Bengal Election 2026

Abhishek Banerjee on UCC: झाड़ग्राम रैली में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर आदिवासियों की संस्कृति से खिलवाड़ का आरोप लगाया. कुड़माली भाषा की मान्यता और यूसीसी के प्रतिकूल प्रभावों को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा.

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Abhishek Banerjee on UCC: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आदिवासियों और स्थानीय पहचान को लेकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. गुरुवार को झारग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक ने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) और कुड़माली भाषा की मान्यता के मुद्दों पर केंद्र सरकार को जमकर आड़े हाथ लिया. उन्होंने दावा किया कि भाजपा का यूसीसी मॉडल आदिवासी समुदाय की संस्कृति और प्रथाओं के लिए बड़ा खतरा है.

UCC पर प्रहार : प्रथाओं को दरकिनार करने की कोशिश

भाजपा द्वारा बंगाल चुनाव के घोषणा-पत्र में यूसीसी लागू करने के वादे पर पलटवार करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इससे आदिवासी समुदायों के अपने रीति-रिवाज और पारंपरिक प्रथाएं खत्म हो जायेंगी. भाजपा इन समुदायों पर अपनी नीतियां थोपना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को धार्मिक और जातीय आधार पर बांटकर सत्ता हासिल करना चाहती है.

Abhishek Banerjee on UCC: कुर्मी समाज को साधने की कोशिश

झारग्राम और जंगलमहल के बड़े वोट बैंक कुर्मी समाज को साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने भाषाई मुद्दा भी उठाया. केंद्र सरकार पर कुड़माली भाषा को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने 2 महीने पहले ही केंद्र को पत्र लिखकर इस भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की सिफारिश की थी. केंद्र सरकार ने इस पर अब तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया.

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3,000 रुपए की सहायता वाला फॉर्म भरने से बचें : अभिषेक

भाजपा द्वारा महिलाओं को प्रति माह 3,000 रुपए की आर्थिक सहायता देने के वादे पर भी अभिषेक बनर्जी ने जनता को आगाह किया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित किसी भी राज्य में ऐसी कोई योजना धरातल पर नहीं है. उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे भाजपा के ऐसे किसी भी फॉर्म को न भरें, क्योंकि यह केवल वोट पाने का एक हथकंडा है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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