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महानगर में अब चलेगी सिंगल बॉगी ट्राम

26 Aug, 2013 3:05 am
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महानगर में अब चलेगी सिंगल बॉगी ट्राम

– मुश्ताक खान – कोलकाता : दो बॉगी की ट्राम जल्द ही इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जायेगी. बढ़ते खर्च व घाटे पर काबू पाने के लिए कोलकाता ट्रामवेज कंपनी (सीटीसी) शहर में केवल सिंगल बॉगी की ट्राम ही चलायेगी. परीक्षण के रूप में सिंगल बॉगी ट्राम कुछ महीने चालू भी की गयी थी. […]

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– मुश्ताक खान –

कोलकाता : दो बॉगी की ट्राम जल्द ही इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जायेगी. बढ़ते खर्च घाटे पर काबू पाने के लिए कोलकाता ट्रामवेज कंपनी (सीटीसी) शहर में केवल सिंगल बॉगी की ट्राम ही चलायेगी. परीक्षण के रूप में सिंगल बॉगी ट्राम कुछ महीने चालू भी की गयी थी.

इसकी सफलता को देखते हुए सीटीसी डबल बॉगी ट्रॉम को हटा कर सिंगल बॉगी ट्राम चलाने जा रही है. सीटीसी के चेयरमैन शांतिलाल जैन ने बताया कि वर्तमान स्थिति में सिंगल बॉगी ट्राम चलाना ही अक्लमंदी का काम है. पहले से ही सीटीसी 200 करोड़ रुपये के घाटे के नीचे दबी पड़ी है. इससे उबरने के लिए हम लोग कई प्रकार के उपाय कर रहे हैं, जिनमें से एक सिंगल बॉगी ट्राम चलाना भी है.

श्री जैन ने बताया कि टॉलीगंजमोमिनपुर रूट एवं बालीगंजटॉलीगंज रूट वर्षो से बंद पड़ा है. जल्द ही इन रूटों पर ट्राम का सफर शुरू किया जायेगा. स्वयं मुख्यमंत्री ने टॉलीगंजमोमिनपुर रूट को दोबारा चालू कराने के प्रति इच्छा प्रकट की है. यह रूट मुख्यमंत्री के घर के पास से गुजरता है. दुर्गापूजा तक इस रूट पर दोबारा ट्राम का चलना शुरू हो जायेगा.

बालीगंजटॉलीगंज रूट में रासबिहारी एवेन्यू में तैयार हो रही निकास परियोजना अड़चन बन गयी है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद ही इस रूट पर दोबारा ट्राम का सफर शुरू हो पायेगा. वैसे अप्रैल 2014 तक इस रूट के भी चालू होने की उम्मीद है. श्री जैन ने दावा किया कि पिछले एक वर्ष में ट्राम पर सफर करनेवालों की संख्या में कई गुणा इजाफा हुआ है. उन्होंने बताया कि आमतौर पर दुर्गापूजा के चार दिन चार बजे के बाद से शहर में ट्राम चलाना बंद कर दिया जाता था. पर, पिछले वर्ष हम लोगों ने दुर्गापूजा के मौके पर भी ट्राम परिसेवा चालू रखी थी. पूजा के इन चार दिनों में ट्राम की आमदनी में तीन गुणा इजाफा हुआ था.

इस वर्ष भी पूजा के दौरान रोजाना की तरह ही ट्राम चलेंगी. इसके साथ ही शहर में ट्राम को सड़क के किसी एक किनारे चलाने की भी तैयारी चल रही है, ताकि ट्रैफिक परिसेवा प्रभावित हो. श्री जैन ने बताया कि पहले शहर में ट्राम रोड के एक किनारे से ही चलती थी. इस परियोजना के शुरू होने में समय लगेगा, क्योंकि इस पर काफी खर्च आयेगा. उन्होंने दावा किया कि मेट्रो रेल के मुकाबले केंद्र को ट्राम का सफर बेहतर लगा है. केंद्रीय शहरी विकास विभाग ने एक सर्वे कराया था, जिससे यह हकीकत सामने आयी कि देश के किसी शहर में मेट्रो ट्रेन चलाने के मुकाबले ट्राम परिसेवा शुरू करना काफी सस्ता है.

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद केंद्र देश के कुछ शहरों में मेट्रो के बजाय ट्राम चलाने पर विचार कर रहा है. गौरतलब है कि कोलकाता देश का एकमात्र शहर है, जहां ट्राम चलती है. श्री जैन ने बताया कि बेलारूस ने कोलकाता की ट्राम परिसेवा में दिलचस्पी दिखायी है. कोलकाता ट्राम का हालचाल जानने के लिए बेलारूस का एक उच्‍चास्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही कोलकाता आनेवाला है.

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