सीएए से किसी भी भारतीय मुस्लिम को कोई नुकसान नहीं : सुब्रमण्यम
Author Prabhat khabar digital desk
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कोलकाता : संशोधित नागरिक कानून (सीएए) को लेकर भाजपा के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि यह धार्मिक उत्पीड़न के शिकार होनेवाले विदेशी अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का कानून है, लेने का नहीं. विपक्षी दल इस मुद्दे पर लोगों को बरगला रहे हैं. लोगों को डरा कर उन्हें हिंसा करने के लिए उकसा रहे हैं. […]
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कोलकाता : संशोधित नागरिक कानून (सीएए) को लेकर भाजपा के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि यह धार्मिक उत्पीड़न के शिकार होनेवाले विदेशी अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का कानून है, लेने का नहीं. विपक्षी दल इस मुद्दे पर लोगों को बरगला रहे हैं. लोगों को डरा कर उन्हें हिंसा करने के लिए उकसा रहे हैं. इसके खिलाफ सजग रहने की जरूरत है. श्री स्वामी स्वभूमि में अर्थ-ए-कल्चरल के कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये थे, जहां उन्होंने यह बातें कहीं.
उन्होंने सीएए के मुद्दे पर जहां अपने विचार रखे, वहीं अयोध्या से लेकर धार्मिक स्थलों के नियंत्रण में सरकार के हस्तक्षेप जैसे मुद्दों पर भी खुल कर बोले. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जो काम कर रही है, वह वर्ष 2003 में मनमोहन सिंह ने सरकार से करने का अनुरोध किया था.
उन्होंने संसद में कहा था कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंगलादेश से धार्मिक उत्पीड़न के शिकार होकर इस देश में आनेवालों को भारत की नागरिकता प्रदान की जाये. केंद्र सरकार ने इस बिल को पास किया. आज यही लोग इसका विरोध कर रहे हैं. इस कानून से इस देश के मुसलमानों का कोई नुकसान नहीं होनेवाला है. एक सवाल कि जब धार्मिक उत्पीड़न को आधार बनाया जा रहा है, तो म्यांमार और श्रीलंका के विस्थापितों को इसमें क्यों नहीं शामिल किया जा रहा है.
जवाब में स्वामी ने कहा कि देश के बंटवारे के वक्त कई लोग बांग्लादेश से भारत आये थे. उसमें से काफी लोग वापस चले भी गये. लेकिन 71 के युद्ध के बाद धार्मिक अत्याचार के कारण कई लोग यहां आये हैं. भारत की नीति थी उन्हें नागरिकता देने की, और उन्हें दिया भी गया. अयोध्या मसले पर उन्होंने कहा कि लंबे समय से अटके इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लिया और सभी पक्ष ने इसे स्वीकार भी किया.
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