अपनी भावना को भगवान से जोड़ेंगे तो मिलेंगे भगवान : स्वामी गिरिशानंद
Updated at : 27 Dec 2019 5:06 AM (IST)
विज्ञापन

कोलकाता : आज मनुष्य के पास सुविधाएं ज्यादा हैं, शांति कम, क्योंकि सुख को हम सही ढंग से खोज नहीं पाते हैं. सच्चा सुख तो दूसरों को सुख देने में है. दूसरे को वही सुख दे सकता है, जो एकांत होकर अपने अंदर विराजे भगवान को देखता है. हमारा अंतकरण किसी भी माध्यम से शांत […]
विज्ञापन
कोलकाता : आज मनुष्य के पास सुविधाएं ज्यादा हैं, शांति कम, क्योंकि सुख को हम सही ढंग से खोज नहीं पाते हैं. सच्चा सुख तो दूसरों को सुख देने में है. दूसरे को वही सुख दे सकता है, जो एकांत होकर अपने अंदर विराजे भगवान को देखता है. हमारा अंतकरण किसी भी माध्यम से शांत होता है, तब आनंद दिखायी देने लगता है.
किसी को भजन में, तो किसी को सिनेमा में. किसी को मदिरा में आनंद दिखायी देता है, पर सात्विक आनंद तो भगवान के भजन व सत्संग में है. जब तक हमारा रिमोट दूसरे का हाथ में रहेगा, दु:ख ही मिलेगा. अपने रिमोट को भगवान के हाथों में सौंप देने से सुख मिलता है.
काम, क्रोध और लोभ को भगवान को जोड़ने पर भगवान मिलते हैं. गोपियों ने अपनी कामना को कृष्ण से जोड़ी, तो कृष्ण मिले. जब ध्रुव ने सिंहासन पाने के लिए लोभ किया, तो उन्हें भगवान विष्णु मिले और जब रावण ने अपने क्रोध को राम से जोड़ा, तो राम ने उसका उद्धार कर दिया. यदि हम अपनी भावनाओं को किसी न किसी रूप से भगवान से जोड़ेंगे, तो वह स्वयं मिलेंगे.
भगवान को बांधना हो, तो हमारे हृदय में तीव्र लालसा होनी चाहिए और संत की कृपा होनी चाहिए. मां यशोदा और कृष्ण का वात्सल्य लीला भक्तों को आनंद देता है. मां जैसे अपने बच्चों के प्रति जब प्रेम करती हैं, ठीक वैसे ही भगवान अपने भक्तों से जो प्रेम करते हैं, उस प्रेम को वात्सल्य कहते हैं.
ये बातें दीवान परिवार के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा के ओखल लीला पर प्रवचन करते हुए स्वामी गिरिशानंद महाराज ने कहीं. श्रद्धालुओं का स्वागत दीवान परिवार की तरफ से मुरारीलाल, विजय, अशोक, विमल व अरुण दीवान ने किया. इस अवसर पर अरविंद नेवर, मंजू नेवर, सज्जन सिंघानिया, रामअवतार केडिया, संदीप अग्रवाल, प्रभात पंसारी, अनूप सिंघानिया, पूर्णिमा तुलसीदास, सीताराम भुवालका सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




