दीपावली में पटाखों की बिक्री कम हुई, फिर भी बढ़ा प्रदूषण

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Oct 2019 1:40 AM

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पुलिस की जागरूकता के कारण हालांकि इस प्रदूषण के प्रतिशत में आयी कमी लोगों को पूरी तरह से जागरूक होने में कुछ और लगेगा समय, लेकिन स्थिति पहले से अच्छी : पुलिस बारिश के कारण सिर्फ 20 प्रतिशत हो पाया व्यवसाय, 80 प्रतिशत नुकसान : व्यापारी कोलकाता : पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष […]

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पुलिस की जागरूकता के कारण हालांकि इस प्रदूषण के प्रतिशत में आयी कमी

लोगों को पूरी तरह से जागरूक होने में कुछ और लगेगा समय, लेकिन स्थिति पहले से अच्छी : पुलिस

बारिश के कारण सिर्फ 20 प्रतिशत हो पाया व्यवसाय, 80 प्रतिशत नुकसान : व्यापारी

कोलकाता : पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दीपावली की रात को महानगर में प्रदूषण का स्तर उम्मीद से सामान्य ज्यादा दर्ज किया गया. इसे लेकर विभिन्न स्तर पर अधिकारी अलग तर्क दे रहे हैं. पुलिस प्रशासन का कहना है कि दीपावली के करीब एक महीने पहले से इलाके के लोगों में, स्कूल के बच्चों में, अपार्टमेंट में रहनेवाले लोगों में, पार्क में मॉर्निंग वाक करनेवाले लोगों को इस बारे में जागरूक किया गया था. इस कारण ही उम्मीद से काफी कम सिर्फ 17 प्रतिशत प्रदूषण दर्ज किया गया.

क्या कहती है पुलिस

लालबाजार में पुलिस सूत्र बताते हैं कि पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एक महीने पहले से ही अपार्टमेंट में रहनेवाले लोगों को रोशनी के इस पर्व में प्रदूषण कम करने का आवेदन किया गया था. स्कूल के बच्चों को भी स्थानीय थाने की पुलिस समय-समय पर जागरूक करती रही. शहर के वे इलाके जहां काफी ज्यादा पटाखे जलाये जाते हैं, वहां भी लोगों को प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने के प्रति जागरूक किया गया.

यही नहीं, पार्क में रोजाना मॉर्निंग वाक करने वाले लोगों से प्रदूषण मुक्त दिवाली कैसे मनायें, इस बारे में उनकी राय ली गयी. उन्हें भी अपने इलाकों में जाकर लोगों को जागरूक करने का आवेदन किया गया. स्कूली बच्चों के अलावा विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया गया. इस कारण कुछ हद तक उन्हें सफलता मिली. पिछले दो वर्षों से दीपावली में जिस स्तर से प्रदूषण बढ़ने का रिकॉर्ड बन रहा था, इस वर्ष वह सिर्फ 17 प्रतिशत पर आकर थम गया.

क्या कहते हैं पटाखा व्यापारी

इस मामले में सारा बांग्ला आतिशबाजी उन्नयन समिति के चेयरमैन बाबला राय ने कहा कि इस वर्ष दीपावली के आसपास बारिश के कारण पटाखा व्यापार काफी प्रभावित हुआ. मध्य कोलकाता के शहीद मीनार मैदान में 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष व्यापार होता है, इस वर्ष बारिश के कारण तय समय से दो दिन बाद बाजार खुला और सिर्फ 20 प्रतिशत ही व्यापार हो पाया, जिससे पटाखा व्यापारियों को 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है.

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का क्या है कहना

इस मामले में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कहा गया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रदूषण का प्रतिशत सामान्य रहा. वर्ष 2018 में छह नवंबर को कालीपूजा थी. इसके बाद छह नवंबर को पी मैटर 2.5 देर रात तक 36.76 दर्ज किया गया, वहीं पीएम देर रात तक 67.00 माइक्रोन दर्ज किया गया था.

सात नवंबर को पी मैटर 2.5 देर रात तक 44.84 दर्ज किया गया. वहीं पीएम 10 देर रात तक 79.27 माइक्रोन दर्ज किया गया. वहीं नौ नवंबर को पी मैटर 2.5 देर रात तक 268.45 दर्ज किया गया, जबकि पीएम 10 देर रात तक 288.31 माइक्रोन दर्ज किया गया. इस वर्ष दीपावली के दिन 27 अक्तूबर को पी मैटर 2.5 देर रात तक 57.86 दर्ज किया गया, वहीं पीएम 10 देर रात तक 92.80 माइक्रोन दर्ज किया गया. 28 अक्तूबर को को पी मैटर 2.5 देर रात तक 176.67 दर्ज किया गया, वहीं पीएम 10 देर रात तक 224.47 माइक्रोन दर्ज किया गया.

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