पूजा कमेटियों से आयकर लेना सही नहीं
Updated at : 23 Jul 2019 2:09 AM (IST)
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केंद्र को मुख्यमंत्री ने लिया आड़े हाथ कोलकाता : राज्य सचिवालय नवान्न भवन में जिला परिषद सदस्यों के साथ बैठक में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिलों के सभाधिपति, कर्माध्यक्षों के साथ बैठक की. बैठक में पंचायत सदस्यों के भत्ते में वृद्धि, पूजा कमेटी के टैक्स, दुर्गापूजा आदि के विषयों पर चर्चा हुई. राज्य […]
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केंद्र को मुख्यमंत्री ने लिया आड़े हाथ
कोलकाता : राज्य सचिवालय नवान्न भवन में जिला परिषद सदस्यों के साथ बैठक में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिलों के सभाधिपति, कर्माध्यक्षों के साथ बैठक की. बैठक में पंचायत सदस्यों के भत्ते में वृद्धि, पूजा कमेटी के टैक्स, दुर्गापूजा आदि के विषयों पर चर्चा हुई. राज्य में विकास किस दिशा में आगे बढ़ेगा, बैठक में स्पष्ट किया गया. बैठक में राज्य के मुख्य सचिव भी उपस्थित थे. बैठक में राज्य के दुर्गापूजा के बड़े आयोजनों पर नजरदारी तथा आयोजनों पर आयकर लेने की घोषणा के खिलाफ मुख्यमंत्री ने केंद्र के खिलाफ नाराजगी जतायी.
मुख्यमंत्री का कहना था कि दुर्गापूजा कमाई का जरिया नहीं है. पूजा आयोजनों को टैक्स से छूट क्यों नहीं मिलेगी? पूजा आयोजन को लेकर राज्य सरकार की सामाजिक बाध्यता है. पूजा कमेटियों से आयकर लेना सही नहीं है. पूजा आयोजनों से बड़ी तादाद में लोगों को रोजगार का मौका मिलता है. बैठक में जिला परिषद के नेताओं से मुख्यमंत्री ने कहा कि सप्ताह में कम से कम एक दिन दो घंटे आम लोगों से मिल कर उनकी समस्याओं को वह समझें. बैठक में पंचायत सदस्यों का भत्ता बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई.
संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब चुनाव आता है तब भाजपा, ‘हिंदू-मुस्लिम’ करती है, लेकिन उत्सव भी महत्वपूर्ण है. लेकिन जब कोई राजनीतिक दल चुनाव के लिए फंड का इस्तेमाल करता है तब वह आयकर के दायरे में नहीं आता. इसलिए अगर पूजा कमेटियां पूजा का आयोजन करती हैं तो उस पर आयकर नहीं लगना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पूजा आयोजन के लिए आम जनता चंदा देती है. पूजा कमेटियों को आयकर के दायरे में लाये जाने के रवैये की वह निंदा करती हैं. पूजा का यह अपमान है. यह सामुदायिक कार्यक्रम होते हैं. लेकिन जिस तरह से कमेटियों को परेशान किया जा रहा है उससे उन्हें दुख हुआ है. चुनाव के वक्त तो वह हिंदुओं को साथ रखते हैं लेकिन चुनाव के बाद वह पूजा आयोजनों से आयकर लेते हैं. यह सही नहीं है. बर्दवान रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि राज्य के प्रस्ताव पर विचार किया जाना चाहिए. वह भाजपा का प्रस्ताव है और उन्हें इस बाबत कोई जानकारी नहीं.
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