मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अल्टीमेटम बेअसर, जूनियर डॉक्टर अड़े
Updated at : 14 Jun 2019 2:44 AM (IST)
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कोलकाता : एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार को चिकित्सकों पर हुए हमले के बाद से राज्य में चिकित्सा सेवा पूरी तरह चरमरा गयी है. गुरुवार को भी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चार घंटे में हड़ताल खत्म करने के अल्टीमेटम का भी हड़ताली चिकित्सकों पर कोई असर नहीं हुआ. […]
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कोलकाता : एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार को चिकित्सकों पर हुए हमले के बाद से राज्य में चिकित्सा सेवा पूरी तरह चरमरा गयी है. गुरुवार को भी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चार घंटे में हड़ताल खत्म करने के अल्टीमेटम का भी हड़ताली चिकित्सकों पर कोई असर नहीं हुआ. चिकित्सक हड़ताल पर अडिग हैं. इस बीच, एनआरएस कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो सैबाल कुमार मुखर्जी और प्रो सौरभ चट्टोपाध्याय ने इस्तीफे की पेशकश की है.
चिकित्सा की स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुवार दोपहर मुख्यमंत्री एसएसकेएम अस्पताल पहुंचीं. मुख्यमंत्री ने एसएसकेएम अस्पताल से ही राज्य के आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों से गुरुवार को अपराह्न दो बजे तक काम पर लौटने को कहा. उन्होंने इस निर्देश का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी. लेकिन, मुख्यमंत्री की चेतावनी के बावजूद कनिष्ठ चिकित्सक काम पर नहीं लौटे. चिकित्सकों ने आंदोलन और भी तेज करते हुए शुक्रवार को भी काम पर नहीं लौटने की धमकी दी है.
गौरतलब है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले तीन दिनों से चिकित्सीय सेवाएं बाधित हैं. मुख्यमंत्री गुरुवार को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर जब एसएसकेएम पहुंचीं, तो इमरजेंसी वार्ड के मुख्य द्वार पर ताला लगा था. इसे देख वह बिफर गयीं और उन्होंने तुरंत ताला खुलवाया. इसके बाद मुख्यमंत्री अस्पताल के मुख्य भवन की ओर बढ़ीं, जहां जूनियर डॉक्टरों ने उनके सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. जूनियर डॉक्टर ‘गो बैक’ व ‘हमें इंसाफ चाहिए’ के नारे लगा रहे थे.
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस को परिसरों को खाली कराने का निर्देश दिया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों के अलावा किसी अन्य को परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी जाये. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह आंदोलन प्रतिद्वंद्वी दलों के षड्यंत्र का हिस्सा है. उन्होंने कहा, ‘मैं आंदोलन की निंदा करती हूं.
जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन माकपा और भाजपा का षड्यंत्र है.’ गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का भी प्रभार है. उन्होंने दावा किया कि बाहर के लोग अस्पतालों में व्यवधान डालने के लिए घुस आये हैं. उन्होंने भाजपा पर हड़ताल को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘माकपा की मदद से भाजपा हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है. मैं उनके बीच प्रेम को देखकर स्तब्ध हूं.’
ममता ने कहा, ‘भाजपा प्रमुख अमित शाह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और फेसबुक पर दुष्प्रचार चलाने के लिए उकसा रहे हैं.’ भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल राय ने आरोप लगाया था कि एक विशेष समुदाय के लोगों ने चिकित्सकों पर हमला किया है और ऐसा करने वाले तृणमूल कांग्रेस से संबंधित हैं. उल्लेखनीय है कि एनआरएस अस्पताल में चिकित्सकों पर हमले के खिलाफ राज्यभर के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. इससे चिकित्सा व्यवस्था ठप सी हो गयी है.
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