सागरद्वीप : पवित्र स्नान के लिए पुण्यार्थियों का जत्था पहुंचने लगा है गंगासागर

Updated at : 13 Jan 2019 8:31 AM (IST)
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सागरद्वीप : पवित्र स्नान के लिए पुण्यार्थियों का जत्था पहुंचने लगा है गंगासागर

हॉलैंड की ड्रेजिंग से हुई यात्रा सुलभ जल स्तर मापने के लिए ‘इको साउंड सिस्टम’ की दरकार शिव कुमार राउत सागरद्वीप : भारतीय संस्कृति में मोक्ष पर्व के रूप में प्रसिद्ध मकर संक्रांति स्नान के लिए पुण्यार्थियों का जत्था गंगासागर पहुंचने लगा है. हालांकि कुंभ मेले का असर यहां दिख रहा है. गंगासागर के बारे […]

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हॉलैंड की ड्रेजिंग से हुई यात्रा सुलभ
जल स्तर मापने के लिए ‘इको साउंड सिस्टम’ की दरकार
शिव कुमार राउत
सागरद्वीप : भारतीय संस्कृति में मोक्ष पर्व के रूप में प्रसिद्ध मकर संक्रांति स्नान के लिए पुण्यार्थियों का जत्था गंगासागर पहुंचने लगा है. हालांकि कुंभ मेले का असर यहां दिख रहा है.
गंगासागर के बारे में यह कहा जाता था कि सारे तीरथ बार-बार गंगासागर एक बार, क्योंकि तब गंगासागर की यात्रा दुर्गम मानी जाती थी.
संभवतः मंधार पर्वत (वर्तमान भागलपुर) के समीप से यह यात्रा शुरू होती थी और बंगाल सहित तमाम छोटे-मोटे द्वीपों को पार कर विशाल गंगा नदी में लहराती नौकाएं कई दिनों में गंगासागर पहुंचती थीं. ना जाने कितने ही यात्रियों के लिए गंगासागर की यात्रा अंतिम यात्रा साबित होती थी. पुराने गजेटियरों में नौका डूबने और वर्मा (म्यांमार) आदि से समुद्री लूटेरों के आने की घटनाएं भरी पड़ी हैं, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. बदलते वक्त के साथ गंगासागर की यात्रा भी हाइटेक हो गयी हैं.
गंगासागर मेले के लिए तटरक्षक बल व नौसेना ने बढ़ायी निगरानी
भारतीय तटरक्षक (आइसीजी) ने गंगासागर मेले के लिए पश्चिम बंगाल में तटरेखा से लगे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है. एक अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी.
अधिकारी ने कहा कि तटरक्षक बल ने पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होवरक्राफ्ट, तेज गति वाली गश्ती नौकाएं और इंटरसेप्टर नौकाओं की तैनाती की हैं. उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में होवरक्रॉफ्ट 24 घंटे तैनात रहेगी. यह तलाशी और राहत अभियान में बेहद अहम साबित होगा. वहीं, भारतीय नौसेना ने भी विशेष तैयारी की है.
वेसल में पहली बार लगा जीपीएस
लॉट नंबर आठ और कचुबेड़िया के बीच मुड़ीगंगा को पार करने के लिए 35 यात्री वेसल की व्यवस्था की गयी है. इनमें से 13 वेसल हुगली जलपथ परिवहन समन्वय समिति लिमिटेड ने दिया है. गौरतलब है कि सागर मेले के इतिहास में इस रूट पर चलनेवाले सभी 35 यात्री वेसल में पहली बार जीपीएस लगाया गया है. जीपीएस यानि ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम. इससे लोकेशन का पता चलता है.
वेसलकर्मियों का कहना है कि यह तकनीक हमारे लिए बिल्कुल नया है. हम जीपीएस डिवायस के बारे में बस थोड़ा-बहुत ही जानते हैं. हां, यह कोहरा के समय में रूट मैपिंग में काफी मददगार है. वहीं कुछ वेसलकर्मी समुचित प्रशिक्षण के अभाव में जीपीएस चलाने में कतरा रहे हैं. वेसलकर्मियों का कहना है, साहब! रूट तो हमें मालूम है ही, अगर गंगाजी के जलस्तर को मापने के लिए ‘इको सांउड’ की व्यवस्था हो जाये तो हमें वेसल चलाने में और भी सुविधा होगी. कई बार जल स्तर की जानकारी के अभाव में वेसल बीच रास्ते जाकर फंस जाता है. इससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
हॉलैंड की मशीन से हुई ड्रेजिंग
लॉट नंबर आठ पर जहां पिछले साल यात्रियों के चेहरे पर उदासी के बादल तैरते नजर आ रहे थे. वहीं इस साल मुस्कुराहट दिखी. कारण ड्रेजिंग का समुचित प्रबंध. ड्रेजिंग के कारण लॉट नंबर आठ से कचुबेड़िया पहुंचने में होनेवाली परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से इस बार विशेष पहल की गयी है. राज्य सिंचाई और जलमार्ग विभाग की संयुक्त तत्वावधान में हॉलैंड के अत्याधुनिक मशीन का उपयोग करके मुड़ी गंगा का ड्रेजिंग किया गया है.
गौरतलब है कि ड्रेजिंग कॉरपोरेशन अॉफ इंडिया के साथ सात साल का अनुबंध किया गया है. 120 करोड़ रुपये की लागत वाले इस अनुबंध के अंर्तगत राज्य सरकार को मूड़ी गंगा में ड्रेजिंग का काम करने के लिए हॉलैंड से दो अत्याधुनिक ड्रेजर खरीदने की अनुमति भी मिल गयी है. अब तक स्थानीय प्रशासन ने विभाग की सहायता से मूड़ी गंगा की ड्रेजिंग की जाती थी. इस बारे में राज्य के सिंचाई मंत्री सौमेन कुमार महापात्र ने कहा कि इस वर्ष ड्रेजिंग के बाद हमें जो अनुभव होगा, उसके तहत आगे कार्य किया जायेगा.
पाकेटमारी में दो गिरफ्तार : गंगासागर स्थित मेला क्षेत्र में पुलिस ने दो लोगों को पाकेटमारी में गिरफ्तार किया है. एक के पास मोबाइल और दूसरे के पास से कुछ नकदी बरामद किया है. पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है.
गौरतलब है कि मकर संक्रांति के मद्देनजर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है. प्रशासन के अनुसार गंगासागर में गत 7 जनवरी से अब तक करीब 5-6 लाख लोग पहुंच चुके हैं. उम्मीद है कि यह संख्या आने वाले दिनों में अभी और बढ़ेगी.
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