West Bengal : निरंजना-फाल्गू नदी के लिए प्राधिकरण मांग पर 5 नवंबर को कोलकाता में सभा

– केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले व भंते तिस्सवरो करेंगे सभा को संबोधित कोलकाता : अपना अस्तित्व खोती जा रही निरंजना-फाल्गू नदी को बचाने की मुहिम को तेज करते हुए और निरंजना-फाल्गू नदी प्राधिकरण की मांग पर पांच नवंबर को रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के तत्वावधान में केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास अठावले व भंते […]
– केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले व भंते तिस्सवरो करेंगे सभा को संबोधित
कोलकाता : अपना अस्तित्व खोती जा रही निरंजना-फाल्गू नदी को बचाने की मुहिम को तेज करते हुए और निरंजना-फाल्गू नदी प्राधिकरण की मांग पर पांच नवंबर को रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के तत्वावधान में केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास अठावले व भंते तिस्सवरो की कोलकाता के धर्मतला में सभा होगी.
बोधगया के प्रख्यात भिक्षु श्री भंते ने कहा कि निरंजना-फाल्गू नदी में पिंडदान करने के लिए हर वर्ष लाखों की तादाद में हिंदू व बौद्ध गया आते हैं, लेकिन यह नदी धीरे-धीरे गटर में तब्दील हो रही है. निरंजना-फाल्गू नदी प्राधिकरण की मांग को लेकर वर्ष 2013 में केंद्र सरकार को पत्र दिया गया था. उसके बाद से लगातार इसकी मांग की जा रही है. इसी मांग को तेज करने के लिए पांच नवंबर को श्री अठावले के नेतृत्व में कोलकाता में सभा होगी और कोलकाता स्थित जल आयोग को ज्ञापन दिया जायेगा.
ज्ञापन की प्रति केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भी भेजी जायेगी. उन्होंने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्रीय मंत्री श्री आठवले संसद में निरंजना-फाल्गू नदी प्राधिकरण के गठन की मांग उठायेंगे. भिक्षु तिस्सावरो ने कहा कि इस ऐतिहासिक नदी के गटर में तब्दील होने से श्रद्धालुओं को गंदे पानी में पूजा करनी होती है.
नदी की सफाई से केवल पर्यावरण शुद्ध नहीं होगा, वरन लोगों को शुद्ध पानी भी पीने के लिए मिलेगा और खेतों की सिंचाई के लिए भी पानी मिलेगा और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा. फाल्गू-निरंजना नदी प्राधिकरण गठन करने की मांग का समर्थन गांधीवादी नेता संजीव कुमार, जलपुरुष राजेंद्र सिंह, गंगा के सांसद हरी मांझी, झारखंड के मंत्री सरयू राय, प्राचार्य दुलाल ठाकुर, डॉ अमरजीत कुमार, भंते एन सुगत बोधी सहित अन्य सामाजिक व बुद्धिजीवियों ने समर्थन किया है.
डॉ अंबेडकर की मूर्ति लगाने की मांग पर ममता से मिलेंगे आठवले
भिक्षु भंते ने कहा कि निरंजना-फाल्गू नदी की तरह की दामोदर नदी की स्थिति भी बहुत ही दयनीय है. दामोदर नदी के बचाने के लिए केंद्र सरकार प्राधिकरण की स्थापना करे. दामोदर नदी को बचाने के लिए दामोदर प्रोजेक्ट की स्थापना भारतीय संविधान के निर्माता डॉ बाबा साहेब अंबेडकर ने की थी. उनके नेतृत्व में ही मैथन और तितलिया डैम सहित दामोदर नदी पर अन्य डैम का निर्माण हुआ था.
बंगाल सरकार डैम से पानी, बिजली का उपयोग कर रही है, लेकिन उनकी याद में अभी तक वहां डॉ अंबेडकर की प्रतिमा नहीं बनी है. उन्होंने बंगाल सरकार से मैथन डैम के पास डॉ अंबेडकर की मूर्ति बनाने और पानी को लेकर लाइब्रेरी बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सभा में इस मुद्दे को उठाया जायेगा. उसके बाद श्री आठवले और भिक्षु भंते मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात कर मांग पेश करेंगे.
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