ग्राम पंचायत बोर्ड गठन में हुई हिंसा से पुरूलिया जिला प्रशासन हुआ रेस

Updated at : 29 Aug 2018 2:15 AM (IST)
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ग्राम पंचायत बोर्ड गठन में हुई हिंसा से पुरूलिया जिला प्रशासन हुआ रेस

नितुरिया : पुरुलिया जिला अंतर्गत पंचायत बोर्ड गठन के दौरान सोमवार को कई जगहों पर हुई हिंसक वारदातों को देखते हुए विधि व्यवस्था के मद्देनजर जिलाशासक आलोकेश प्रसाद राय ने जिले के 14 ब्लाकों के कई ग्राम पंचायतों के बोर्ड गठन पर रोक लगा दी है. उल्लेखनीय है कि जिला अन्तर्गत सोमवार को बोर्ड गठन […]

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नितुरिया : पुरुलिया जिला अंतर्गत पंचायत बोर्ड गठन के दौरान सोमवार को कई जगहों पर हुई हिंसक वारदातों को देखते हुए विधि व्यवस्था के मद्देनजर जिलाशासक आलोकेश प्रसाद राय ने जिले के 14 ब्लाकों के कई ग्राम पंचायतों के बोर्ड गठन पर रोक लगा दी है.
उल्लेखनीय है कि जिला अन्तर्गत सोमवार को बोर्ड गठन के दौरान हुई हिंसा की घटना में दो भाजपा कर्मियों की मौत हो गई और कई घायल हो गये. जबकि सांतुड़ी थाना के कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गये.
जारी अधिसूचना के अनुसार जिले के पुरुलिया दो नंबर ब्लॉक की आगया-नराह, राघवपुर, हूटमारा, मांगरा ग्राम पंचायत, जयपुर प्रखंड की उपर कहान, बड़ाग्राम तथा मुकुंदपुर ग्राम पंचायत, झालदा दो नंबर ब्लॉक की चेकया, बननिया-बेलयादि, टटुआरा तथा माझीडीह ग्राम पंचायत, बलरामपुर ब्लॉक की बेड़ो उपमा ग्राम पंचायत, बड़ाबाजार ब्लॉक की बाघाबांध ग्राम पंचायत, बाघमुंडी ब्लॉक की बुरदा-कालीमाटी, बाघमुंडी, माथा, अयोध्या ग्राम पंचायत, बंदोयान ब्लॉक की कुईलापाल, धाधका ग्राम पंचायत, नितुरिया प्रखंड की गुनियारा ग्राम पंचायत, सांतुड़ी प्रखंड की गड़सिका ग्राम पंचायत, पाड़ा ब्लॉक खकी भवरडीह, देवली, जबराह, झापड़ा दो ग्राम पंचायत, हूडा ब्लॉक की लखनपुर, लधुड़का, जबराह, कालाबनी ग्राम पंचायत, मानबाजार ब्लॉक एक की मानबाजार ग्राम पंचायत, रघुनाथपुर ब्लॉक एक की बेड़ो, नतूनडीह ग्राम पंचायत तथा रघुनाथपुर ब्लॉक दो के नतूनडीह, जोड़ाडीह ग्राम पंचायत के बोर्ड के गठन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. कुल 33 ग्राम पंचायतों के बोर्ड गठन पर फिलहाल स्थगन आदेश दिया गया है.
सुमित बने सालतोड़ पंचायत के प्रधान
नितुरिया : नितुरिया पंचायत समिति के सालतोड़ ग्राम पंचायत पर तृणमूल ने कब्जा बरकरार रखा. नितुरिया ब्लॉक तृणमूल के पूर्व अध्यक्ष व सालतोड़ ग्राम पंचायत के प्रधान रहे स्व. शशिभूषण प्रसाद यादव के छोटे पुत्र सुमित सागर प्रसाद यादव प्रधान चुने गये. सुमित पंचायत चुनाव मे सबसे कम उम्र के जीते प्रार्थियों में शामिल हैं.
सालतोड़ ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान रही रूना बाउरी उपप्रधान चुनी गई है. सालतोड़ ग्राम पंचायत का नितुरिया प्रखंड में काफी राजनीतिक प्रबाव रहा है. पंचायत बोर्ड पर वर्ष 1995 में सुमित के पिता शशिभूषण ने कई पंचायत सदस्यो को अपनी ओर मिलाकर पहली बार तृणमूल का बोर्ड गठन किया था.
अब तक यह बोर्ड तृणमूल के कब्जे में रहा है. प्रधान का पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारण रूना बाउरी प्रधान और शशिभूषण प्रसाद यादव उप प्रधान बने. वर्ष 2010 में अपराधियों ने शशिभूषण की हत्या कर दी. उपचुनाव में उनकी पत्नी अंजू देवी चुनाव जीती और प्रधान बनी. इस चुनाव में उनके छोटे पुत्र सुमित सागर ने पंचायत चुनाव जीता. सोमवार को बोर्ड गठन में लिए उन्हें प्रधान चुना गया. उनके प्रधान बनने से युवा पीढ़ी में काफी खुशी है. उसे लगता है कि तृणमूल में युवकों को अधिक महत्व मिलेगा.
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