तलाशी के नाम पर पुलिसिया तांडव

पुलिस भाजपा समर्थकों को कर रही परेशान, भाजपा का आरोप हावड़ा : जगतबल्लभपुर थाना के दक्षिण पतियाल के पंडितपाड़ा गांव में आरोपियों की तलाशी के नाम पर पुलिस द्वारा कथित गांव में तांडव मचाने,घरों में तोड़-फोड़ करने, महिलाओं, बुजुर्गों , बच्चों के साथ मारपीट व र्दुव्यवहार करने और मामले की जांच के नाम पर भाजपा […]
पुलिस भाजपा समर्थकों को कर रही परेशान, भाजपा का आरोप
हावड़ा : जगतबल्लभपुर थाना के दक्षिण पतियाल के पंडितपाड़ा गांव में आरोपियों की तलाशी के नाम पर पुलिस द्वारा कथित गांव में तांडव मचाने,घरों में तोड़-फोड़ करने, महिलाओं, बुजुर्गों , बच्चों के साथ मारपीट व र्दुव्यवहार करने और मामले की जांच के नाम पर भाजपा समर्थकों को निशाना बनानेके पक्षपात पूर्ण रवैया के खिलाफ जिला भाजपा मंडल की ओर से अध्यक्ष तुषार कांति दास के नेतृत्व में रविवार को एक प्रतिनिधिमंडल पंडितपाड़ा गांव पहुंचा.
प्रतिनिधिमंडल में भाजपा नेता जॉर्ज बेकर, भाजयुमो जिला अध्यक्ष उमेश राय, भाजपा के जिला महासचिव रोबिन भट्टाचार्य, देबांजल चटर्जी, माधव दे, कौशिक मुखर्जी और जगतबल्लभपुर ब्लॉक भाजपा के अध्यक्ष निशित पंडित व अन्य शामिल रहे.
प्रतिनिधिमंडल ने यहां,पीड़ित परिवारों से मिलकर हालात का जायजा लिया. महिलाओं पर पुलिस द्वारा किये गये कथित अत्याचार के बारे में भी जानकारी ली गयी. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी से मुलाकात कर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किये. हालांकि, पुलिस ने ऐसे किसी भी मामले में पुलिस की पक्षपात पूर्ण भूमिका से साफ इनकार किया है. भाजपा का कहना है कि पुलिस जांच के नाम पर भाजपा समर्थकों को जानबूझ निशाना बनाकर कर परेशान कर रही है.
कहा कि गांव में पीते दिनों पूजा के दौरान दो गुटों के बीच हुए इस विवाद में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक शामिल रहे, लेकिन पुलिस केवल भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किये हुए. पुलिस तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम कर रही है. राजनीतिक रंजिश के तहत सत्ता पक्ष की ओर से पुलिस का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. भाजपा ने कहा है कि, पुलिस के इस पक्षपाती रवैये के खिलाफ एसपी, डीजी और केंद्रीय अनुसूचित मंत्रालय को पत्र लिख मामले में उनकी ओर से हस्तक्षेप करने की मांग की जायेगी.
क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि गत मंगलवार (27 मई) को दक्षिण पतियाल इलाके में पंडितपाड़ा गांव में मंडला काली पूजा के दौरान मूर्ति को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया. इसके बाद दोनों गुट आपस में भिड़ गये. जम कर मारपीट हुई. सूचना पाकर मौके स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी मारपीट और पत्थरबाजी की गयी. इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि बीते शनिवार की रात अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के नाम पर पुलिस ने गांव के दर्जनों घरों में रेड किया. गांव वालों का आरोप है कि इस दौरान घरों में पुलिस ने कथित रूप से जमकर तांडव मचाया. जांच के नाम पर घरों में तोड़-फोड़ किया गया , घरों के दरवाजे तोड़ दिये गये. आरोप है कि महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया. बच्चों और बुजुर्गो को भी नहीं बख्शा गया.
क्या कहते हैं मंत्री
कृषि व विपणन मंत्री अरूप राय से पूछने पर उन्होंने कहा कि यह गांव में दो गुटों के बीच हुआ एक मामला है. इसमें किसी भी प्रकार से राजनीति से कोई संबंध नहीं है. किसी भी राजनीतिक दल को इसमें राजनीति नहीं करनी चाहिए. मंत्री ने कहा कि यदि पुलिस ने महिलाओं के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है , तो यह निंदनीय है. हालांकि, पुलिस ऐसी किसी घटना में संलिप्त होगी ऐसा प्रतीत नहीं होता.
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