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ममता ने फूंक लोकसभा चुनाव का बिगुल, कहा - ब्रिगेड से दिल्ली दखल का होगा एलान

Updated at : 22 Jul 2018 8:04 AM (IST)
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ममता ने फूंक लोकसभा चुनाव का बिगुल, कहा - ब्रिगेड से दिल्ली दखल का होगा एलान

कोलकाता : तृणमूल सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को अपनी पार्टी के शहीद दिवस कार्यक्रम में अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया. सभा के मंच से मुख्यमंत्री ने फेडरल फ्रंट का गठन करने और इस फ्रंट के प्रमुख नेताओं को तृणमूल की ब्रिगेड रैली में आमंत्रित करने का एलान […]

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कोलकाता : तृणमूल सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को अपनी पार्टी के शहीद दिवस कार्यक्रम में अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया. सभा के मंच से मुख्यमंत्री ने फेडरल फ्रंट का गठन करने और इस फ्रंट के प्रमुख नेताओं को तृणमूल की ब्रिगेड रैली में आमंत्रित करने का एलान किया. उन्होंने कहा कि अगले वर्ष 19 जनवरी को फेडरल फ्रंट के आला नेताओं को लेकर वह ब्रिगेड में सभा करेंगी. इस रैली में केंद्र की भाजपा नीत सरकार को हटाने का नारा बुलंद किया जायेगा. ममता ने पार्टीजनों को राज्य में लोकसभा की सभी 42 सीटों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य दिया.
तृणमूल सुप्रीमो ने अगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की भारी हार का दावा किया है.
सुश्री बनर्जी के अनुसार, शुक्रवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भले ही भाजपा को 325 वोट मिले हों लेकिन यह गणित लोकसभा चुनाव में काम नहीं आने वाला है. उन्होंने इसके कारण के तौर पर बताया कि भाजपा से शिवसेना, टीडीपी टूट रही है. उत्तर प्रदेश में मायावती और मुलायम सिंह यादव यदि एक हो जायें तो भाजपा को सीट कहां से हासिल होंगी. मध्यप्रदेश में भाजपा को एक चौथाई सीट भी मिलेगी या नहीं उस पर संदेह है. राजस्थान में सीटें पांच तक खिसक जाने की संभावना है, गुजरात में तो भाजपा की और भी बुरी हालत है. बिहार में ‘लालूजी’ ही सभी सीटें ले जायेंगे. लिहाजा अगले वर्ष के लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार होगी. तृणमूल के साथ कोई नहीं रहा तो वह एकला चलो रे की नीति अपनायेंगी.
धर्मतल्ला की सभा में मुख्यमंत्री के निशाने पर मुख्य तौर पर भाजपा ही रही. भाजपा पर सांप्रदायिक पार्टी होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश में ‘तालीबानी सांप्रदायिकता’ फैलायी जा रही है. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में कहा कि वह अपनी पार्टी और उसके नेताओं को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं. ममता ने इस वर्ष दुर्गा पूजा के बाद से ही ब्रिगेड की सभा की तैयारियों में जुट जाने का निर्देश पार्टी नेताओं को दिया. इससे पहले 27 जुलाई को नानुर दिवस, 28 जुलाई को मेदिनीपुर में उसी स्थान पर सभा होगी जहां 16 जुलाई को प्रधानमंत्री की सभा हुई थी. इसके बाद 17 सितंबर को राज्य कन्वेंशन आयोजित किया जायेगा. मौके पर ममता बनर्जी ने याद दिलाया कि जो लोग पंडाल नहीं बना सकते वह देश क्या चलायेंगे. गौरतलब है कि भाजपा की सभा के दौरान पंडाल का एक हिस्सा ढह जाने से 91 लोग घायल हो गये थे.
राज्य में भाजपा व आरएसएस के बढ़ते कदमों की बाबत ममता बनर्जी का कहना था कि राज्य में जगह-जगह भाजपा के नेता प्रभाव बढ़ा रहे हैं. भाजपा लोगों में पैसे वितरित कर रही है. लेकिन इससे भाजपा को लाभ नहीं होगा. पैसे देकर एक हजार वोट खरीदे जा सकते हैं 10 करोड़ वोट नहीं खरीदे जा सकते. उन्होंने सभा से पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि भाजपा के नेता पैसे वितरित न कर सकें. यदि ऐसी कोई घटना वह देखें तो प्रशासन को तत्काल सूचित करें. भाजपा सुरक्षा एजेंसियों के जरिये डर पैदा करने की कोशिश कर रही है. तृणमूल नेताओं को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. लेकिन इससे उसे कोई लाभ नहीं होगा. अगला शहीद दिवस भारत जय का दिवस बन जायेगा. अगली बार लाल किले पर भाजपा के प्रधानमंत्री तिरंगा नहीं फहरा सकेंगे.
गौरतलब है कि 21 जुलाई 1993 को राइटर्स घेराव के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गये 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में तृणमूल कांग्रेस हर साल 21 जुलाई को शहीद दिवस मनाती है. ममता बनर्जी तब युवा कांग्रेस की प्रमुख थीं.
मोदी पर तंज: जो पंडाल नहीं संभाल सकते, वो देश क्या संभालेंगे
ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेदिनीपुर रैली में पंडाल गिरने पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग एक पंडाल नहीं संभाल सकते, वो देश क्या संभालेंगे. वे देश का निर्माण कैसे करेंगे? बता दें कि 16 जुलाई को प्रधानमंत्री की मेदिनीपुर रैली में शामियाना गिरने से 13 महिलाओं समेत 90 लोग जख्मी हो गये थे.
सीएम ने बताया-कैसे हारेगी भाजपा
मुख्यमंत्री ने कहा: भाजपा से शिवसेना, टीडीपी टूट रही है. यूपी में मायावती और मुलायम सिंह यादव यदि एक हो जायें तो भाजपा को सीट कहां से हासिल होंगी. मप्र में भाजपा को एक चौथाई सीट भी मिलेगी या नहीं उस पर संदेह है. राजस्थान में सीटें पांच तक खिसक जाने की संभावना है, गुजरात में तो भाजपा की और भी बुरी हालत है. बिहार में ‘लालूजी’ ही सभी सीटें ले जायेंगे. लिहाजा अगले वर्ष के लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार होगी.
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