अनावश्यक खर्च कम करने के लिए बनी कमेटी

Updated at : 27 Jun 2018 2:27 AM (IST)
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अनावश्यक खर्च कम करने के लिए बनी कमेटी

कोलकाता : राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करने व सरकारी कार्यों की क्रियान्वयन गतिशीलता बढ़ाने के लिए दो नयी कमेटियों का गठन किया है. मंगलवार को राज्य सचिवालय में संवाददाताओं को इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि विभिन्न विभागों के प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत योजना रिपोर्ट […]

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कोलकाता : राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करने व सरकारी कार्यों की क्रियान्वयन गतिशीलता बढ़ाने के लिए दो नयी कमेटियों का गठन किया है. मंगलवार को राज्य सचिवालय में संवाददाताओं को इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि विभिन्न विभागों के प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत योजना रिपोर्ट (डीपीआर) देख कर उसकी अनुमति प्रदान करने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार देखा गया है कि डीपीआर के समय किसी भी योजना के लिए जाे राशि दिखायी गयी है, योजना क्रियान्वयन के समय इसका खर्च बढ़ जाता है. इसलिए इस प्रकार के अनावश्यक खर्चों को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्रीकुमार भट्टाचार्य के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया है, जो किसी भी योजना के क्रियान्वयन तक विस्तृत योजना रिपोर्ट की जांच करेगी और योजना खर्च से संतुष्ट होने पर ही इसकी अनुमति देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि वहीं विभागों में कर्मचारियों की नियुक्ति व विभागों में समन्वय बना कर योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए मुख्य सचिव मलय दे के नेतृत्व में एक और पृथक कमेटी का गठन किया गया है.
उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं को मंजूरी देने के बाद उनके क्रियान्वयन में देरी होने व प्रणाली में त्रुटि होने के कारण सरकारी अनुदान का नुक्सान हो रहा है. इन कमेटियों के माध्यम से अनावश्यक खर्चों को कम किया जा सकेगा. साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के अंतर्गत चल रहीं योजनाओं पर हुए कार्यों की समीक्षा के लिए आगामी पांच जुलाई को मुख्य सचिव मलय दे के नेतृत्व में बैठक बुलायी गयी है. इस बैठक में सभी विभागीय सचिवों को उनके विभाग के योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी.
किसी भी तरह की यातना की निंदा हो : सीएम
कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि किसी भी तरह की यातना की निंदा होनी चाहिए और उनकी सरकार इसके पीड़ितों के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि आज अंतरराष्ट्रीय यातना पीड़ित समर्थन दिवस है. किसी भी तरह की यातना की निंदा होनी चाहिए. हमारी सरकार यातना के पीड़ितों का समर्थन करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है. संयुक्त राष्ट्र हर साल 26 जून को अंतरराष्ट्रीय यातना पीड़ित समर्थन दिवस मनाता है.
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