ePaper

माकपा ने दुश्मन को बनाया दोस्त : ममता बनर्जी

Updated at : 12 Apr 2018 3:20 AM (IST)
विज्ञापन
माकपा ने दुश्मन को बनाया दोस्त : ममता बनर्जी

कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए माकपा, कांग्रेस व भाजपा तीनों एक हो गये हैं. वे एकजुट होकर हमें हराना चाहते हैं. लेकिन उनको यह याद रखना होगा कि उनके एक होने पर भी वह तृणमूल कांग्रेस की मजबूत […]

विज्ञापन
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए माकपा, कांग्रेस व भाजपा तीनों एक हो गये हैं. वे एकजुट होकर हमें हराना चाहते हैं. लेकिन उनको यह याद रखना होगा कि उनके एक होने पर भी वह तृणमूल कांग्रेस की मजबूत जड़ों को हिला नहीं पायेंगे. कहां माकपा को भाजपा के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए, वह अपनी नैतिकता व आदर्श को भूल कर दुश्मन को ही दोस्त बना लिया है.
सुश्री बनर्जी ने राज्य सचिवालय के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में वाम मोर्चा के 13 अप्रैल को छह घंटे के बंगाल बंद का विरोध करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नाटक है. बंगाल में अब बंद की कोई राजनीति नहीं हो रही. उन्होंने माकपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि माकपा एक आदर्शवादी पार्टी थी, लेकिन अब इनका भी आदर्श खत्म हो चुका है. हमारी लड़ाई देश में सांप्रदायिक तनाव फैलानेवाली पार्टी के साथ है और अब माकपा भी ऐसी पार्टी का साथ दे रही है.
उन्हाेंने बंद पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह बंद क्यों बुलाया जा रहा है. विरोधी पार्टियों ने जो नामांकन नहीं भरने देने का आरोप लगाया है, यह निराधार है. पंचायत चुनाव के लिए विरोधी पार्टियों के कुल 75 हजार उम्मीदवारों ने नामांकन जमा किया है, अगर निर्दलीय व अन्य को इसमें शामिल कर लिया जाये तो यह संख्या 90 हजार से भी अधिक है. अगर नामांकन भरने नहीं दिया जाता तो इतने लोग नामांकन कैसे भर पाये. उन्होंने माकपा पर हमला बोलते हुए कहा कि माकपा को शर्म आनी चाहिए.
माकपा से भी अधिक सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है. यह माकपा के लिए शर्म की बात है. वहीं, कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में अमित शाह का विरोध कर रहे हैं और यहां एकजुट होकर तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन. उनकी बंगाल में कितनी ताकत है, इसका अंदाजा उनके नामांकन की संख्या देख कर ही लगाया जा सकता है. उन लोगों को उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे और वह कह रहे हैं कि नामांकन भरने नहीं दिया जा रहा. यह सिर्फ राज्य सरकार को बदनाम करने की साजिश है. उन्होंने मीडिया के एक धड़े पर भी तृणमूल कांग्रेस को बदनाम करने का आरोप लगाया. उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों पर ही हमले हुए हैं.
मोहम्मदबाजार में भाजपा बाहर से लोगों को लाकर हिंसा फैलायी है. संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस कर्मी की गोली मार कर हत्या की गयी. इसी प्रकार, दिनाजपुर में भी हमारे वरिष्ठ नेता के घर पर तोड़फोड़ हुई और विरोधी पार्टियां तृणमूल कांग्रेस पर झूठा आरोप लगा कर बदनाम कर रही हैं और कुछ मीडिया भी एक-दो घटनाओं को बार-बार दिखा कर लोगों को भ्रमित कर रही हैं. मीडिया रुपये लेकर तृणमूल कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश रच रही है. फोटोग्राफर पर हुए हमले के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है. यह घटना अलीपुर की है, जो उनके घर के पास है. उन्हें भी इसके बारे में बताया जा सकता था. उन्होंने कहा कि यह पुलिस का मामला है और पुलिस मामले में अपनी कार्रवाई कर रही है.
देश कांग्रेस ने हड़ताल को दिया नैतिक समर्थन
कोलकाता. 13 अप्रैल को वाममोर्चा की राज्यव्यापी आम हड़ताल को कांग्रेस ने नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है. प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पंचायत चुनाव को केंद्र कर पूरे बंगाल में अराजकता का माहौल है. विपक्ष के अन्य दलों के साथ-साथ कांग्रेस के विधायक-नेता व कार्यकर्ताओं को भी तृणमूल के हमले का शिकार होना पड़ा है. लिहाजा वाममोर्चा की हड़ताल का पूर्ण नैतिक समर्थन करते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola