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बोलीं ममता बनर्जी- धर्म के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं, क्या राम ने कभी तलवार हाथ में लिया था ?

Updated at : 27 Mar 2018 5:56 AM (IST)
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बोलीं ममता बनर्जी- धर्म के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं, क्या राम ने कभी तलवार हाथ में लिया था ?

कोलकाता : इस वर्ष रामनवमी के अवसर पर राज्य की कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेहद नाराज हैं. मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि बंगाल की धरती पर धर्म के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने दक्षिण 24 परगना की प्रशासनिक बैठक के अवसर पर साफ कहा […]

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कोलकाता : इस वर्ष रामनवमी के अवसर पर राज्य की कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेहद नाराज हैं. मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि बंगाल की धरती पर धर्म के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने दक्षिण 24 परगना की प्रशासनिक बैठक के अवसर पर साफ कहा कि यह बंगाल की संस्कृति नहीं है.
इसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक व सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को अस्त्र जुलूस निकालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने वाले पुलिसकर्मी दंडित किये जायेंगे.
सुश्री बनर्जी ने सवाल किया : क्या भगवान राम ने कभी कहा है कि उनके नाम पर पिस्तौल और तालवार लेकर जुलूस निकालें? हम लोगों ने अपने ग्रंथों में पढ़ा है कि राम ने रावण से तीर और धनुष से युद्ध किया था. कुछ उपद्रवी राम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.
क्या हम कानून और व्यवस्था उनके हाथ में छोड़ दें. क्या अब वे प्रशासन चलायेंगे. सुश्री बनर्जी ने कहा: कुछ मस्तान सिर पर पगड़ी बांध कर हाथ में पिस्तौल, तलवार, हथियार लेकर सड़कों पर गुंडागर्दी कर रहे हैं. यह बंगाल की संस्कृति नहीं है. हम लोग मां दुर्गा, काली, सरस्वती, गणपति, लक्ष्मी व बासंती की पूजा करते हैं. हम लोग सभी त्योहार का पालन शांति व सौहार्द्र से करते हैं. हम लोग ईद और क्रिसमस भी मनाते हैं.
हम लोगों ने शांतिपूर्ण जुलूस निकालने की अनुमति दी थी. सभी लोगों को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है, लेकिन पिस्तौल लेकर चलना और राम के नाम पर राजनीति बर्दाश्त नहीं की जायेगी. किसी को यह अधिकार नहीं है कि वह अन्य समुदाय की ओर जाए और उसे मारे.
सुश्री बनर्जी ने कहा : मैंने प्रशासन को कड़ा निर्देश दिया कि हथियार के साथ जुलूस निकालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे. कुछ लोग धर्म के नाम पर संगठन खोल रहे हैं और धर्म के नाम पर बिजनेस कर रहे हैं. वे धर्म के नाम पर कलंक हैं. रामकृष्ण मिशन, भारत सेवाश्रम संघ व गंगासागर वास्तव में हिंदुत्व के प्रतीक हैं. हिंदुत्व सर्वकालिक है. सैकड़ों वर्ष से लोग हिंदुत्व का पालन कर रहे हैं.
हिंदुत्व प्रेम, बंधुत्व और सौहार्द्र सिखाता है. हमें उनसे हिंदुत्व पर ज्ञान नहीं सीखना है. वास्तव में वे अद्भुत धर्म का पालन कर रहे हैं. बाहुबल और गुंडागर्दी के धर्म का पालन कर रहे हैं. यह वास्तव में राजनीति भी नहीं है. राजनीति में लोगों व समाज की सेवा की जरूरत होती है. राजनीति में संस्कृति, मानवता व शिक्षा की जरूरत होती है. लोगों की हत्या करना कभी भी राजनीति का अंग नहीं हो सकता है.
मुख्यमंत्री ने दी सख्त हिदायत
मुख्यमंत्री ने कहा: क्या राम ने कभी तलवार हाथ में लिया था ? वे लोग नये धर्म का आयात (हिंसा) कर रहे हैं और पूरे देश को जीतने का सपना देख रहे हैं.
प्रशासन की भी जिम्मेदारी है. पुरुलिया में एक व्यक्ति की मौत वास्तव में उनके एक परिवार के सदस्य की मौत है. चाहे वह मुस्लिम हो, हिंदू हो या सिख या ईसाई हो. इसका कोई अर्थ नहीं है. वे क्यों लोगों की हत्या करेंगे? वे लोग भयभीत हैं और राज्य के बाहर से गुंडों को ला रहे हैं. बंगाल इसे बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा : मैं सभी पुलिस अधीक्षकों को कड़ी कार्रवाई का निर्देश देती हूं. गलत करने वालों को नहीं बख्सें.
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