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कोयला हड़ताल तीन महीने के लिए स्थगित, सीएमपीएफ और इपीएफ का विलय नहीं

Updated at : 18 Jun 2017 5:30 PM (IST)
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कोयला हड़ताल तीन महीने के लिए स्थगित, सीएमपीएफ और इपीएफ का विलय नहीं

कोलकाता. पांच केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा 19 से 21 जून तक आहूत तीन दिवसीय कोयला हड़ताल स्थगित हो गई है. उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) एस चटर्जी के कार्यालय में पांचों ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ कोयला मंत्रालय व कोल इंडिया के प्रतिनिधियों ने बैठक की. बैठक के बाद तीनों पक्षों ने संयुक्त मसौदे […]

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कोलकाता. पांच केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा 19 से 21 जून तक आहूत तीन दिवसीय कोयला हड़ताल स्थगित हो गई है. उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) एस चटर्जी के कार्यालय में पांचों ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ कोयला मंत्रालय व कोल इंडिया के प्रतिनिधियों ने बैठक की. बैठक के बाद तीनों पक्षों ने संयुक्त मसौदे पर हस्ताक्षर किये. इसमें तय किया गया कि कोयला हड़ताल को तीन महीने के लिए स्थगित किया जा रहा है. इसके अलावा कोयला खान भविष्य निधि (सीएमपीएफ) को कर्मचारी भविष्य निधि (इपीएफ) के साथ विलय नहीं होगा.

बैठक में मौजूद कोयला मंत्रालय के उप सचिव महेंद्र प्रताप ने स्पष्ट किया कि सरकार की विलय की ऐसी कोई योजना नहीं है और न ही इसे लेकर कोई प्रस्ताव ही उसके पास लंबित है. कोल इंडिया की ओर से बैठक में चीफ मैनेजर (पी एंड आइआर) एके सक्सेना, जीएम(पी)-अपील तृप्ति पराग, एडवाइजर भगवान पांडेय व चीफ मैनेजर मनोज कुमार मौजूद थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोल माइंस पेंशन स्कीम 1998, को बरकरार रखने के लिए मालिक व कर्मचारी पक्ष, दोनों ही समान रूप से योगदान देंगे.

योगदान के परिमाण पर चर्चा और फैसला ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर कोल इंडस्ट्री 10 (जेबीसीसीआइ 10) में होगा. यूनियन के प्रतिनिधियों ने कहा था कि नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट 9 (एनसडब्ल्यूए 9) को पूर्ण रूप से लागू किया जाये. प्रबंधन का कहना था कि कि एनसीडब्ल्यूए 9 के जो भी लंबित मुद्दे थे उसपर जेबीसीसीआइ 10 में चर्चा होगी. प्रबंधन ने कहा कि एनसीडब्ल्यूए 10 पर फैसला लेने के लिए ईमानदाराना प्रयास किये जायेंगे. श्रमिकों के कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के संबंध में जेबीसीसीआइ 10 में चर्चा होगी. छुट्टी के दिन काम करने के मुद्दे पर प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने कहा कि श्रमिकों को अतिरिक्त कार्य के लिए नियमानुसार अतिरिक्त पैसे मिलेंगे.
खदानों को बंद करने के मुद्दे पर यूनियनों से बातचीत के बाद ही कोई फैसला लेने पर बैठक में सहमित बनी. बीएमएस के बीके राय ने बताया कि कुल ऐसे 37 खदान हैं जिन्हें बंद करने का प्रस्ताव है. तय यह हुआ है कि उन खदानों के पुनरुद्धार करने का पहले पूरा प्रयास किया जायेगा. यदि सभी प्रयास विफल होते हैं तो यूनियन के साथ बातचीत के बाद ही बंद करने का फैसला लिया जा सकता है. बैठक में इंटक से राजेंद्र प्रसाद सिंह, एचएमएस से नाथूलाल पांडेय, सीटू से डीडी रमानंदन, बीएमएस से पीके दत्ता, इंटक से एसक्यू जमा और एटक से रमेंद्र कुमार भी शामिल थे. निजाम पैलेस में उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) एस चटर्जी के कार्यालय में रविवार दोपहर करीब 12.30 बजे से बैठक शुरू हुई जो दोपहर 3.30 बजे तक चली.
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