फाइबर नेटवर्क ट्रैकिंग से साइबर क्राइम थाने को पहली कामयाबी

Updated at : 29 Jun 2024 1:02 AM (IST)
विज्ञापन
फाइबर नेटवर्क ट्रैकिंग से साइबर क्राइम थाने को पहली कामयाबी

एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज तीन शिकायतों में एक ही फोन नंबर से हुई थी ठगी, नंबर ट्रैकिंग से पकड़ाया अंकित

विज्ञापन

आसनसोल. आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फाइबर नेटवर्क ट्रैकिंग सिस्टम के जरिये बांका (बिहार) जिला के निवासी व साइबर क्राइम के आरोपी अंकित कुमार अंकन को सालानपुर थाना क्षेत्र के डोमदाहो इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया. नेटवर्क ट्रैकिंग सिस्टम के सहारे साइबर क्राइम थाने पुलिस की यह पहली गिरफ्तारी है. आरोपी डोमदाहो इलाके में अपने मामा के घर आया था, जहां से बैठ कर वह कम कीमत पर यूएसजीडी क्रिप्टो करेंसी बेचने का झांसा देकर लोगों को ठगा करता था. तीन पीड़ितों से ठगी की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज हुई है. इसी पोर्टल में ठगी वाला मोबाइल नंबर खंगालते समय उसका लोकेशन ट्रैक हो गया और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया. महिला सहायक पुलिस अवर निरीक्षक शहनाज खातून की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना में केस नंबर 54/24 में आरोपी को आइपीसी की धारा 419/420/406 के तहत अदालत में चालान किया गया. कोर्ट में सात दिनों की पुलिस रिमांड की अर्जी दी गयी. पांच दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर हुई.

कैसे पुलिस के शिकंजे में आया आरोपी

आरोपी अंकित ने अपने मोबाइल फोन पर टेलीग्राम के जरिये यूएसजीडी क्रिप्टो करेंसी को कम कीमत पर बेचने का विज्ञापन दिया था. इसमें कुछ लोग फंस गये. तीन लोगों ने एनसीआरपी पोर्टल पर इसकी शिकायत की थी. महिला सहायक पुलिस अवर निरीक्षक शहनाज खातून प्रतिबिम्ब पोर्टल की जांच कर रही थी. जिसमें तीन थागी शिकायतों में शिकायतकर्ताओं ने जिस फोन नंबर का जिक्र किया था, वह नम्बर का लोकेशन चित्तरंजन और मिहिजाम (झारखंड) इलाका दिखा रहा था. इसकी जानकारी उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी. उनके निर्देशानुसार महिला अधिकारी ने सभी शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात की. शिकायतकर्ताओं ने बताया कि क्रिप्टो करेंसी के लिए पैसा लिया, बाद में फोन नहीं उठा रहा है. इसके उपरांत झारखंड पुलिस के साथ संपर्क करके संयुक्त रूप से छापेमारी कर आरोपी को पकड़ा गया. उसने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है. सूत्रों के अनुसार 100 से भी ज्यादा नम्बर फाइबर नेटवर्क ट्रैकिंग सिस्टम में है, इन आरोपियों की भी एक के बाद एक गिरफ्तारी होने की संभावना प्रबल है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola