बंगाल में 10 जगहों पर प्रवर्तन निदेशालय के ताबड़तोड़ छापे

Updated at : 31 Jul 2024 2:10 AM (IST)
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बंगाल में 10 जगहों पर प्रवर्तन निदेशालय के ताबड़तोड़ छापे

राशन वितरण घोटाले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने मंगलवार को देगंगा, बशीरहाट, बारासात, राजरहाट, न्यूटाउन, भांगड़ समेत राज्य में 10 अलग-अलग जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की.

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राशन वितरण घोटाले में बड़ी कार्रवाईतृणमूल कांग्रेस के नेताओं व व्यवसायियों के आवास राइस मिल व कार्यालयों में चलाया गया अभियानसंवाददाता, कोलकाताराशन वितरण घोटाले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने मंगलवार को देगंगा, बशीरहाट, बारासात, राजरहाट, न्यूटाउन, भांगड़ समेत राज्य में 10 अलग-अलग जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. यह छापेमारी तृणमूल कांग्रेस के दो नेताओं, व्यवसायियों व अन्य लोगों के आवासों, राइस मिलों व कार्यालयों में की गयी. कुछ ऐसे व्यवसायियों के ठिकानों पर भी जांच अभियान चलाया गया, जिनके प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से घोटाले में शामिल होने का आरोप है. अभियान में इडी के 40 से ज्यादा अधिकारी शामिल हुए. उनके साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान भी मौजूद रहे. इडी ने छापेमारी के साथ ही संबंधित लोगों से पूछताछ भी की है. अभियान में कुछ दस्तावेज व डिजिटल उपकरण भी जब्त किये गये हैं. बताया जा रहा है कि जिन नेताओं, व्यवसायियों व लोगों के ठिकानों पर छापेमारी हुई, वे पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक व व्यवसायी बकीबुल रहमान उर्फ बकीबुर के करीबी बताये गये हैं. दोनों ही घोटाले में पहले से ही गिरफ्तार हैं. तस्करी के मामलों के आरोपी बारिक के ठिकानों पर भी छापे : इडी ने तस्करी के कई मामलों में आरोपी व व्यवसायी अब्दुल बारिक विश्वास के आवास पर भी छापेमारी की. उसे भी पूर्व मंत्री मल्लिक का करीबी भी माना जाता है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने उसके बशीरहाट, राजारहाट, न्यूटाउन स्थित आवासों, कार्यालयों और चावल मिलों में तलाशी अभियान चलाया. साथ ही दो लग्जरी कारों की भी तलाशी ली गयी. उसका संग्रामपुर एग्रो फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम का एक राइस मिल है, जिसके कर्मचारियों से भी पूछताछ की गयी है. साथ ही बारिक के कारोबार व संपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटायी जा रही है. न्यूटाउन के मुकुल शांति गार्डन में भी तलाशी चलायी गयी. इससे पहले बारिक का नाम मवेशी तस्करी, कोयला तस्करी, सोना तस्करी के कई मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है, अब राशन वितरण घोटाले में उसके ठिकानों पर छापेमारी की गयी. उसकी दो लग्जरी कारों की भी तलाशी ली गयी है. बशीरहाट के संग्रामपुर का कारोबारी बारिक सोने की तस्करी के आरोप में वर्ष 2014 में गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में जमानत मिली गयी. 2021 में सीबीआइ ने मवेशी तस्करी के मामले की जांच के तहत उसके ठिकानों पर छापे मारे थे. इसके अलावा 2023 में दूसरे राज्य के एक जांच एजेंसी ने एक मामले में उसे गिरफ्तार किया था. हालांकि, उसे इस बार भी जमानत मिल गयी थी.

इडी को आशंका है कि बारिक ने राशन वितरण घोटाले से जुटाये गये कालेधन को सोना और ईंट भट्ठा कारोबार में निवेश किया था. हालांकि, इसकी जांच जारी है.

देगंगा के तृणमूल नेता के ठिकाने पर दबिश

मंगलवार को सुबह इडी अधिकारियों की एक टीम देगंगा के बेड़ाचापा इलाका स्थित पीजी हाइटेक राइस मिल पहुंची, जिसके मालिक अनीसुर रहमान उर्फ विदेश और आलिफ नूर मुकुल बताये गये हैं. रहमान, घोटाले में गिरफ्तार हो चुके बकीबुल का ममेरा भाई है, जो पूर्व खाद्य मंत्री मल्लिक का भी करीबी माना जाता है. इसके अलावा वह देगंगा ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष भी है. राइस मिल के अलावा दोनों के आवास में भी केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी पहुंचे. उनके घर के बाहर रखे वाहनों की भी जांच की गयी है. बताया जा रहा है कि इडी के अधिकारी दोनों की संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्रित करने में लगे रहे. भांगड़ में तृणमूल नेता कैसर अहमद के भाई के घर पर भी छापेमारी की गयी है.

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