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बीरभूम में डेंगू के बाद डराने लगा स्क्रब टाइफस का प्रकोप

Updated at : 27 Jul 2024 9:27 PM (IST)
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बीरभूम में डेंगू के बाद डराने लगा स्क्रब टाइफस का प्रकोप

जिले में डेंगू के मामलों से स्क्रब टाइफस नामक संक्रमण का प्रकोप कहीं आगे निकल गया है, जिससे जिला प्रशासन व आम लोग खौफजदा हैं. जिले के दुबराजपुर नगरपालिका के वार्ड चार में अरित्रा मंडल (तीन वर्षीय) नामक अबोध बच्ची की दो दिन के तेज बुखार के बाद मौत हो गयी.

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बीरभूम.

जिले में डेंगू के मामलों से स्क्रब टाइफस नामक संक्रमण का प्रकोप कहीं आगे निकल गया है, जिससे जिला प्रशासन व आम लोग खौफजदा हैं. जिले के दुबराजपुर नगरपालिका के वार्ड चार में अरित्रा मंडल (तीन वर्षीय) नामक अबोध बच्ची की दो दिन के तेज बुखार के बाद मौत हो गयी. सबसे ज्यादा डर लोगों में डेंगू को लेकर था. उस बच्ची की मौत के अलावा परिवार में दो अन्य लोगों को बुखार था. साथ ही इलाके में भी कई लोग बुखार से ग्रस्त हैं.

इनमें से कई लोगों के स्क्रब टाइफस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. जिले में डेंगू के कोढ़ पर स्क्रब टाइफस खाज साबित हुआ है. इस तरह जिला प्रशासन के सामने डेंगू के साथ स्क्रब टाइफस से निबटने की दोहरी चुनौती है. मिली जानकारी के मुताबिक जिले में स्क्रब टाइफस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. दुबराजपुर नगरपालिका क्षेत्र में मृत बच्ची की मां चैताली मंडल के रक्त के नमूने की जांच में पता चला कि वह स्क्रब टाइफस से ग्रस्त हैं. इसी तरह क्षेत्र में कार्तिक बाद्यकर नामक व्यक्ति में भी यही संक्रमण पाया गया. यही नहीं, इलाके में डेंगू फैलानेवाले लार्वा भी पाये गये हैं.

बीरभूम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ हिमाद्री अरि ने कहा कि इस साल अब तक लगभग 55 लोग डेंगू से संक्रमित हुए हैं. लेकिन डेंगू के मामलों से स्क्रब टाइफस आगे निकल गया है. डेंगू से स्क्रब टाइफस के मामले दोगुने हैं. इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 100 पार कर गयी है. हालांकि डॉ अरि ने आश्वस्त किया कि चिंता की बात नहीं है. अस्पताल में इलाज के लिए सभी दवाएं मौजूद हैं और जो भी व्यक्ति डेंगू अथवा, स्क्रब टाइफस से संक्रमित हुआ है, वो इलाज से चंगा हुआ है. कई मरीजों का उपचार चल रहा है.

क्या है स्क्रब टाइफस

स्क्रब टाइफस एक संक्रमण है, जो ओरिएंटिया शुशुगामुशी नामक इंट्रासेल्युलर पैरासाइट के कारण होता है. आमतौर पर यह संक्रमण जून से नवंबर के बीच चरम पर होता है. परजीवी कीट या लार्वा के काटने के छह से 20 दिन बाद रोग के लक्षण दिखने लगते हैं. यदि कोई स्क्रब टाइफस से संक्रमित है, तो कीड़े के काटने की जगह पर दाने, जलन जैसे लक्षण दिखते हैं.

इसके अलावा, दुबराजपुर नगरपालिका के वार्ड चार में बच्ची की मौत के बाद कई पीड़ितों में तेज बुखार, सिरदर्द, दाने, उल्टी जैसी शिकायतें दिखी हैं. फैलते संक्रमण के मद्देनजर शनिवार सुबह से इलाके में सफाई अभियान शुरू कर दिया गया. पूरे क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर छिड़का जा रहा है. उधर, दुबराजपुर नगरपालिका के चेयरमैन पीयूष पांडेय ने वार्ड चार की स्थिति पर रोष जताते हुए कहा कि क्षेत्र में युद्ध स्तर पर साफ-सफाई करनी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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