राजभवन की संविदा कर्मचारी ने राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में किया मामला

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 04 Jul 2024 1:56 AM

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पीड़िता ने अपनी याचिका में कहा है कि भारतीय संविधान 1950 की धारा 361 के तहत देश के राष्ट्रपति व राज्यों के राज्यपालों को विशेष सुरक्षा प्रदान की गयी है.

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कोलकाता. राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस के खिलाफ राजभवन की एक महिला संविदा कर्मचारी के खिलाफ कथित रूप से दुर्व्यवहार का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. राजभवन की महिला कर्मचारी ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. पीड़िता ने अपनी याचिका में कहा है कि भारतीय संविधान 1950 की धारा 361 के तहत देश के राष्ट्रपति व राज्यों के राज्यपालों को विशेष सुरक्षा प्रदान की गयी है. याचिकाकर्ता ने इस धारा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसके अनुसार राजा कभी गलत नहीं कर सकते. क्या वास्तव में ऐसा है. इस धारा के अनुसार, देश के राष्ट्रपति व राज्यों के राज्यपाल को यह अधिकार दिया गया है कि वे किसी भी कोर्ट के प्रति जवाबदेह नहीं हैं. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया है कि वह राजभवन में एक संविदा कर्मचारी है और राजभवन में ही उसके साथ संवैधानिक पद पर बैठे राज्यपाल ने अभद्र व्यवहार किया था. लेकिन, धारा 361 के तहत उन्हें मिली सुरक्षा की वजह से उनकी कोई नहीं सुन रहा है. इसलिए अब याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और अदालत से इंसाफ की गुहार लगायी है.

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