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Sunil Kanti Roy Dies: पीयरलेस समूह के प्रबंध निदेशक पद्मश्री सुनील कांति रॉय का निधन

सुनील कांति रॉय ने 1985 में अपने बड़े भाई बीके रॉय की मृत्यु के बाद पीयरलेस समूह की जिम्मेदारी संभाली थी. समूह वित्त, होटल, रियल इस्टेट और स्वास्थ्य सेवा के कारोबार में शामिल है.

By Prabhat khabar Digital
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सुनील कांति रॉय
सुनील कांति रॉय
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कोलकाता: कोलकाता के वित्तीय सेवा प्रदाता पीयरलेस समूह के प्रबंध निदेशक (एमडी) सुनील कांति रॉय का यहां एक अस्पताल में निधन हो गया. पारिवारिक सूत्रों से यह जानकारी मिली. सूत्रों के मुताबिक, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित 78 वर्षीय रॉय वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे. रॉय की तबीयत बिगड़ने के बाद 7 मई को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. रविवार की रात उनका निधन हो गया.

वित्त, होटल, रियल इस्टेट के कारोबार में है पीयरलेस

उद्योगपति के परिवार में उनकी पत्नी, बेटा, बेटी और दो पोते-पोतियां हैं. उन्होंने 1985 में अपने बड़े भाई बीके रॉय की मृत्यु के बाद पीयरलेस समूह की जिम्मेदारी संभाली थी. समूह वित्त, होटल, रियल इस्टेट और स्वास्थ्य सेवा के कारोबार में शामिल है.

ममता बनर्जी ने व्यक्त की संवेदना

अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘मुझे प्रख्यात उद्योगपति एसके रॉय के निधन से गहरा दुख हुआ है. उन्होंने वित्त, बीमा, स्वास्थ्य, होटल, आवास, ऑटोमोबाइल, प्रतिभूतियों आदि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. वह विभिन्न सामाजिक कल्याण गतिविधियों में शामिल थे.’

बंगाल में व्यापार के एक युग का अंत : मेयर फिरहाद हकीम

कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम ने शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘पद्मश्री सुनील कांति रॉय के निधन से गहरा दुख हुआ. उनके निधन से बंगाल में व्यापार के एक युग का अंत हो गया. उनके मित्रों और परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं.’

रॉय के पिता ने बांग्लादेश में की थी पीयरलेस की स्थापना

एसके रॉय का जन्म 8 जनवरी 1944 को कोलकाता में हुआ था. उनके पिता, राधेश्याम रॉय एक स्कूल शिक्षक थे, लेकिन बाद में 1932 में उन्होंने बांग्लादेश में पीयरलेस की स्थापना की. वर्ष 1935 में कंपनी के आधार को कलकत्ता (अब कोलकाता) में स्थानांतरित कर दिया. अपने जीवनकाल में रॉय राष्ट्रीय ख्याति के विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक और कॉरपोरेट निकायों से जुड़े रहे.

2009 में मिला पद्म श्री सम्मान

वह वर्ष 2009 से 2010 तक बंगाल नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बीएनसीसीआई) के अध्यक्ष और कई वर्षों तक भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) की कार्यकारी समिति के सदस्य थे. उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 1993 में ‘राजीव गांधी स्मृति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया. 31 मार्च, 2009 को रॉय को सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया. समूह की वर्तमान में कुल संपत्ति 1,913 करोड़ रुपये है.

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