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Bengal News: मकर संक्रांति के लिए तैयार बंगाल, डेढ़ करोड़ से अधिक तीर्थयात्री लेंगे गंगासागर में डूबकी

Bengal News: गंगासागर, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सागर द्वीप पर स्थित है, जहां गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है. इस साल मकर संक्रांति के लिए पवित्र स्नान का समय 14 जनवरी रात 9:19 बजे से 15 जनवरी अपराह्न 1:19 बजे तक है.

Bengal News: गंगासागर (पश्चिम बंगाल). गंगासागर मेला इस साल 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के साथ अब तक के सबसे बड़े आयोजन का गवाह बन सकता है. यह जानकारी मुख्य पुजारी स्वामी ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने दी. दास ने मंदिर परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस साल कुंभ मेला नहीं होने के कारण, गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित कपिल मुनि मंदिर में आने वाले सनातनी हिंदू श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है. दास ने मंदिर में चुनिंदा पत्रकारों से कहा कि वो उम्मीद करते हैं कि इस साल 1.5 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री आएंगे.

पूरे दिन किया जायेगा पवित्र स्नान

पुजारी ने बताया कि इस साल मकर संक्रांति के लिए पवित्र स्नान का समय 14 जनवरी रात 9:19 बजे से 15 जनवरी अपराह्न 1:19 बजे तक है. उन्होंने कहा कि तीर्थयात्री 15 जनवरी के पूरे दिन पवित्र स्नान कर सकते हैं, क्योंकि शुभ समय का प्रभाव अपराह्न 1:19 बजे के बाद भी आठ घंटे तक रहेगा. गंगासागर, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सागर द्वीप पर स्थित है, जहां गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है.

कटाव रोकने के लिए केंद्र से गुहार

महंत संजय दास ने यह भी कहा कि केंद्रीय सरकार को मंदिर के सामने तटरेखा कटाव के खतरे को लेकर कदम उठाना चाहिए, क्योंकि ज्वार के दौरान पानी से मंदिर की दूरी केवल लगभग 500 मीटर रह जाती है. दास ने कहा कि मंदिर को बचाने के लिए केंद्रीय सरकार को तट कटाव के मुद्दे का गंभीरता से समाधान करना चाहिए. उन्होंने बताया कि सदियों में दो मंदिर पहले ही बढ़ते समुद्र की लहरों के कारण समुंदर में चले गए. उन्होंने कहा कि वर्तमान कपिल मुनि मंदिर इसी स्थान पर बनी तीसरी इमारत है. दास ने कटाव रोकने के उपाय करने के लिए ममता बनर्जी सरकार की प्रशंसा की और कहा कि मंदिर प्रशासन इस मुद्दे पर सहयोग करेगा और मिलकर काम करेगा.

ममता आज करेंगी मुरिगंगा नदी पर पुल का शिलान्यास

दास ने कहा कि प्रस्तावित मुरिगंगा नदी पर बन रहा पुल तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए बहुत लाभकारी होगा. उन्होंने कहा कि यह पुल सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ता है और जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री करने जा रही है. उन्होंने कहा, कि यह एक बहुत अच्छी परियोजना है. दास ने आगे कहा कि भगवान राम ने रामेश्वरम को लंका से जोड़ने के लिए रामसेतु बनाया था, दीदी (ममता बनर्जी) इस पुल का निर्माण गंगासागर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कर रही हैं.

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Ashish Jha
Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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