पश्चिम बंगाल : तृणमूल में टिकट न मिलने से दुःखी बैरकपुर सांसद अर्जुन सिंह, भाजपा में जाने की हैं अटकलें

पश्चिम बंगाल : डेढ़ साल से पार्टी यह आश्वासन देती रही कि आपको टिकट देंगे और नहीं दिया, तो रोष तो रहेगा ही. अगर पार्टी पहले एक बार भी बोलती तो वह तृणमूल में नहीं आते. उन्होंने कहा कि वह बैरकपुर के लोगों को धोखा नहीं दिये.
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के बैरकपुर से तृणमूल के प्रत्याशी के रूप में अर्जुन सिंह (Arjun Singh) के नाम की घोषणा नहीं होने से नाराज सांसद श्री सिंह ने अपना रोष जाहिर किया. ब्रिगेड की सभा मंच में बैरकपुर से उम्मीदवार के लिए तृणमूल विधायक व राज्य के मंत्री पार्थ भौमिक के नाम की घोषणा करते हुए सांसद के चेहरे पर उदासी छा गयी. अर्जुन सिंह ने कहा है कि वह बैरकपुर से लड़ेंगे. पहले ही पार्टी को कहा था, लेकिन लंबे समय से टाल बहाना करके अंत में उन्हें टिकट नहीं दिया गया. दुख नहीं है, लेकिन इस बात का दुख है कि पार्टी पहले कह देती तो ठीक होता. यह मेरे साथ विश्वासघात हुआ है.
डेढ़ साल से आश्वासन देकर लायी पार्टी, लेकिन नहीं दी टिकट : अर्जुन सिंह
डेढ़ साल से पार्टी में कोई दायित्व नहीं दिया गया. केवल सांसद था. मुझे कहा गया था कि बैरकपुर से टिकट दिया जायेगा. डेढ़ साल से यही कहा जा रहा था और आज अंत समय में नहीं दिया गया. यह एक तरह से विश्वासघात हुआ है. यह ठीक नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि जो उन्हें पसंद करेंगे, वह हमेशा पसंद करेंगे. वह कोई सीजनल फल नहीं हैं. वह 24 घंटे लोगों के साथ रहते हैं. उन्होंने कहा कि आज वह अपने समर्थकों से बात करेंगे.
वह बैरकपुर छोड़कर कहीं दूसरी जगह नहीं जायेंगे : अर्जुन सिंह
डेढ़ साल से पार्टी यह आश्वासन देती रही कि आपको टिकट देंगे और नहीं दिया, तो रोष तो रहेगा ही. अगर पार्टी पहले एक बार भी बोलती तो वह तृणमूल में नहीं आते. उन्होंने कहा कि वह बैरकपुर के लोगों को धोखा नहीं दिये. बल्कि उन्हें बार-बार प्रलोभन दिया गया कि दूसरी जगह चले जायें, लेकिन वह बैरकपुर छोड़कर कहीं दूसरी जगह नहीं जायेंगे. यहां जन्म लिए हैं और यही मरेंगे. पार्थो भौमिक अगर चाहेंगे, तो वह उनके समर्थन में प्रचार के लिए सोचेंगे.
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By Shinki Singh
10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.
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