पटाखा फैक्टरियों के पीछे जब अपने, तो कैसे लगे अंकुश

Updated at : 09 Feb 2025 1:10 AM (IST)
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पटाखा फैक्टरियों के पीछे जब अपने, तो कैसे लगे अंकुश

हमला. बंगाल में अवैध पटाखा कारखानों व उनसे जुड़े हादसों को लेकर राज्य सरकार पर बरसे नेता प्रतिपक्ष

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लगाया आरोप, जिन अवैध पटाखा फैक्टरियों में धमाकों से गयी जानें, उन्हें चलानेवाले हैं तृणमूलकर्मी भाजपा कार्यकर्ता के न्योते पर बांकुड़ा आये थे शुभेंदु, राज्य की तृणमूल सरकार को लिया आड़े हाथ बांकुड़ा. जिले में भाजपा कार्यकर्ता के निमंत्रण पर आये नंदीग्राम के विधायक व राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में अवैध पटाखा फैक्टरियों और उनमें हुए हादसों में गयी जानों को लेकर राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस सरकार पर करारा हमला बोला. तंज कसते हुए कहा कि जिन पटाखा फैक्टरियों के पीछे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अपने ही नेता व कार्यकर्ता हों, उन पर कैसे अंकुश लगाया जाये. असल में यहां की तृणमूल सरकार के पास ऐसी पटाखा फैक्टरियों को बंद करने या रोकने के लिए कोई प्लान ही नहीं है. शुभेंदु ने पूछा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलापान बंद्योपाध्याय पटाखा फैक्टरियों में धमाकों को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान क्यों नहीं देते. निकट अतीत में ऐसी पटाखा फैक्टरियों में हुए धमाकों में कई जानें चली गयी हैं, पर राज्य सरकार ने ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की. शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब शुभेंदु ने कहा कि राज्य के कल्याणी व दत्तपुकुर की अवैध पटाखा फैक्टरियों में हुए धमाकों में कई लोगों की मौत हो गयी. फिर भी यहां की सरकार नहीं पसीजी. उसके लिए इंसान की जान की कोई कीमत नहीं है. उसे बस सत्तासुख लेने से मतलब है. शुभेंदु अधिकारी यहां एक भाजपाई के निमंत्रण पर उसके घर आये हुए थे. आगे कहा कि एगरा में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए हादसे में कई लोगों की मौत हो चुकी है. उस फैक्टरी को चलानेवाला तृणमूल का पंचायत सदस्य है. आरोप लगाया कि तृणमूल कर्मी खोखन विश्वास स्थानीय पार्षद की मदद से अवैध पटाखा फैक्टरी चलाता रहा है. वहां धमाके में पांच लोगों की मौत हो चुकी है. शुभेंदु के अनुसार राज्य के मंत्री व प्रशासनिक अधिकारी बस टीवी स्क्रीन व अखबार की सुर्खियों में रहना चाहते हैं. भाजपा विधायक के मुताबिक पुलिस मंत्री व मुख्यमंत्री को पटाखा कारखानों में धमाकों की जिम्मेदारी लेकर अपने मुख्य सलाहकार अलापान बंद्योपाध्याय से सार्वजनिक रूप से बयान दिलाना चाहिए, लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगी. उन्हें तो बस दोषारोपण करना आता है. ममता बनर्जी पटाखा हब, पटाखा रोडमैप, पटाख शॉप की बात कहती रहती हैं. लेकिन अलापन बाबू कुछ नहीं कहते. बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर जुुल्म को लेकर भी शुभेंदु ने वहां की अंतरिम मोहम्मद यूनुस सरकार को आड़े हाथ लिया. जिस तरह से वहां बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की मूर्ति व घर में तोड़फोड़ की गयी और उनकी निशानियों को धूल में मिलाया जा रहा है, उससे साफ है कि बांग्लादेश कट्टरपंथियों के कब्जे में आ गया है. ऐसे मामलों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व भारत के प्रधानमंत्री को मिल कर हस्तक्षेप करके बांग्लादेश के हिंदुओं के हित में ठोस कदम उठाना चाहिए. भारत को अपने पड़ोसी देशों पाकिस्तान व बांग्लादेश के साथ नेपाल, भूटान, म्यांमार व चीन से भी बड़ा खतरा है. पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से लगी सीमा पर बीएसएफ को और छूट दी जानी चाहिए.

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