बंगाल में होम आइसोलेशन में भी शुरू हुआ संक्रमितों का इलाज, जारी किया 24×7 हेल्पलाइन नंबर

कोरोना के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जैसे ही जांच की प्रक्रिया को तेज की, संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने लगी है. इनके लिए प्रशासन ने डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल के अलावा सेफ हाउस और होम आइसोलेशन में भी इलाज की व्यवस्था शुरू कर दी है. बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव अब घर में रहकर ही अपना इलाज करा पायेंगे.
आसनसोल (शिवशंकर ठाकुर) : कोरोना के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जैसे ही जांच की प्रक्रिया को तेज की, संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने लगी है. इनके लिए प्रशासन ने डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल के अलावा सेफ हाउस और होम आइसोलेशन में भी इलाज की व्यवस्था शुरू कर दी है. बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव अब घर में रहकर ही अपना इलाज करा पायेंगे.
कोरोना योद्धा के रूप में काम करने वाले पुलिस, स्वास्थ्यकर्मियों के इलाज के लिए आसनसोल में होटल इन को जिला प्रशासन ने सेफ हाउस बनाया है. जिला शासक पूर्णेंदु कुमार माजी ने कहा कि होम आइसोलेशन में संक्रमितों का इलाज टेली मेडिसीन के माध्यम से किया जा रहा है.
सनद रहे कि जिला में कोरोना के प्रसार को बढ़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने आसनसोल और दुर्गापुर नगर निगम क्षेत्र के हर वार्ड और सभी ग्राम पंचायत इलाकों में शिविर लगाकर कोविड-19 की जांच के लिए सैंपल संग्रह करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके साथ ही सरकारी सभी अस्पतालों में भी नमूना संग्रह करने का कार्य जारी है.
जिले में एकमात्र कोविड-19 डेडिकेटेड अस्पताल सनाका है. यहां कुल 370 बेड हैं. जिले में जिस तेजी से मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इससे ऐसा लगता है कि जल्दी यहां सारे बेड फुल हो जायेंगे. इसके बाद संक्रमित लोगों के इलाज में दिक्कत हो सकती है. इस विषय को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से ही अपनी तैयारी पूरी कर ली है.
जिले में 405 बेड के साथ 7 सेफ हाउस बनाये गये हैं. दुर्गापुर में तीन, आसनसोल में दो और रानीगंज में दो सेफ हाउस शामिल हैं. हालांकि, रानीगंज के दोनों सेफ हाउस फिलहाल सक्रिय नहीं हैं. 80 बेड वाला दुर्गापुर डीएसपी हॉस्पिटल और 80 बेड वाला इएसआइ नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल में रविवार को कुल 44 लोग भर्ती थे.
जिला शासक ने कहा कि बगैर लक्षण वाले कोरोना मरीजों को सेफ हाउस में रखा जा रहा है. यहां चिकित्सक, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ उपलब्ध हैं. मरीज की समस्या बढ़ने पर उसे कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया जायेगा. सेफ हाउस बनने से कोविड अस्पताल पर बोझ कम रहेगा.
जिले के कोरोना वरियर्स पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी व अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए आसनसोल स्थित होटल इन को सेफ हाउस बनाया गया है. यहां 40 बेड हैं. जिला शासक ने कहा कि फिलहाल यहां कुल 20 लोगों का इलाज चल रहा है.
सेफ हाउस के साथ-साथ जिले में होम आइसोलेशन में भी कोरोना संक्रमितों का इलाज शुरू कर दिया गया है. जिला शासक श्री माजी ने बताया कि बगैर लक्षण वाले कोरोना मरीज चाहें, तो अपने घर में रहकर भी इलाज कर सकते हैं. यदि उनके घर में अलग कमरा है, तो उस कमरे में खुद को अन्य लोगों से अलग-थलग रखें.
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जिला प्रशासन ने 24×7 हेल्पलाइन नंबर 8597042976 जारी किया है. इस नंबर पर चिकित्सकों से परामर्श लेकर दवा ले सकते हैं. तबीयत बिगड़ती है, तो इसकी सूचना देने पर उन्हें कोविड अस्पताल में दाखिल कराया जायेगा. जिले में 52 लोग होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं.
Posted By : Mithilesh Jha
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