ePaper

इसीएल की पुनर्वास नीति से भड़के ग्रामीण

Updated at : 18 Feb 2026 1:11 AM (IST)
विज्ञापन
इसीएल की पुनर्वास नीति से भड़के ग्रामीण

इस संबंध में ''दिशोम आदिवासी गांवता'' संगठन के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर भविष्य की रणनीति बनायी गयी.

विज्ञापन

दिशोम आदिवासी गांवता ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी जामुड़िया. जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के सालडांगा इलाके में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड(इसीएल) की पुनर्वास नीति और भूमि अधिग्रहण को लेकर उपजा विवाद गहराता जा रहा है. केंदा एरिया के अधीन आनेवाले चार आदिवासी गांवों व अन्य समुदायों के प्रभावित परिवारों ने इसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस संबंध में ””””दिशोम आदिवासी गांवता”””” संगठन के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर भविष्य की रणनीति बनायी गयी.

मुआवजे व मूल्यांकन पर उठे सवाल

बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने ईसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी उनके पुश्तैनी आवास और जमीन को खाली कराने की योजना बना रही है. ग्रामीणों का मुख्य विरोध प्रस्तावित मुआवजे की राशि को लेकर है. उनका कहना है कि ईसीएल द्वारा तय किया गया आर्थिक मुआवजा उनके मकानों के वास्तविक क्षेत्रफल और जमीन के मौजूदा बाजार मूल्य के मुकाबले बेहद कम है. ग्रामीणों के अनुसार, इस अनुचित मूल्यांकन से उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी.

पट्टाधारकों की अनदेखी का आरोप

बैठक के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इलाके के कम से कम दो परिवारों के पास जमीन के वैध सरकारी पट्टे मौजूद हैं. इसके बावजूद ईसीएल द्वारा उनकी संपत्ति का सही मूल्यांकन नहीं किया जा रहा है. ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि वैध दस्तावेज होने के बाद भी उचित कीमत न देना उनके साथ सरासर अन्याय है.

संगठन की चेतावनी : अन्याय हुआ तो ठप होगा काम :आदिवासी संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सोरेन और राज्य आह्वायक शैलमान माड्डी ने स्पष्ट किया कि वे आदिवासियों और स्थानीय निवासियों के हक की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ेंगे। संगठन ने चेतावनी दी .उन्होंने कहा कि जमीन और मकान का पुनर्मूल्यांकन पारदर्शिता के साथ किया जाए.सरकारी पट्टा धारकों के अधिकारों का पूर्ण सम्मान हो.यदि जबरन या अनुचित तरीके से विस्थापन की कोशिश की गई, तो क्षेत्र में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा.

प्रशासन से पारदर्शिता की मांग

प्रभावित परिवारों ने अपनी समस्याओं को लिखित रूप में संगठन को सौंपा है. बैठक में सुनील टुडू सहित कई कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. वक्ताओं ने प्रशासन और ईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि पुनर्वास की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा.

विज्ञापन
GANESH MAHTO

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola