शेखपुर में बेकाबू डंपर बना श्रमिक का काल गुस्साये ग्रामीणों ने जम कर काटा बवाल

Published by : AMIT KUMAR Updated At : 03 Jan 2026 9:37 PM

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जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र के शेखपुर इलाके में शुक्रवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हिंसक रूप ले लिया. एक निजी कारखाने से ड्यूटी कर घर लौट रहे पार्थ सारथी चटर्जी(41) नामक श्रमिक को एक तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी.

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जामुड़िया.

जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र के शेखपुर इलाके में शुक्रवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हिंसक रूप ले लिया. एक निजी कारखाने से ड्यूटी कर घर लौट रहे पार्थ सारथी चटर्जी(41) नामक श्रमिक को एक तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी. घटना के बाद भड़के ग्रामीणों ने कारखाने में जम कर तोड़फोड़ की और शव को सड़क पर रखकर जमकर प्रदर्शन किया.

हादसे के बाद फूटा जनाक्रोश

मृतक पार्थ सारथी चटर्जी, इकड़ा के सार्थकपुर गांव के निवासी थे और सुपर स्मेल्टर कारखाने में कार्यरत थे. शुक्रवार शाम जब वह मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, तभी राजारामडांगा मोड़ के पास एक डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया.हादसे की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने दो स्थानीय फैक्ट्रियों (सुपर स्मेल्टर और रेक आईसी) के गेट जाम कर दिए.ग्रामीणों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र में खराब सड़कों और ओवरलोड वाहनों की बेलगाम रफ्तार के कारण आए दिन निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं.

फैक्टरी में तोड़फोड़, पुलिस का एक्शन

आक्रोशित भीड़ ने आरएआइसी कारखाने के डंपर पर संदेह जताते हुए कारखाने के अंदर घुस कर तोड़फोड़ की. स्थिति नियंत्रित करने के लिए जामुड़िया थाने की पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी. देर रात तक इलाका तनावपूर्ण बना रहा और स्थानीय लोग मुआवजे व नौकरी की मांग पर अड़े रहे.

यूनियन की पहल पर बना समझौता

शनिवार को इस मामले ने तब शांतिपूर्ण मोड़ लिया जब आइएनटीटीयूसी के नेतृत्व में कारखाना प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई. आइएनटीटीयूसी ब्लॉक-01 के अध्यक्ष अचिंत्य मुखर्जी और शंकर यादव की उपस्थिति में हुए समझौते के अनुसार मृतक के परिवार को अंतिम-संस्कार के लिए 50,000 रुपये की तत्काल सहायता दी गयी. परिवार को कुल नौ लाख नगद मुआवजे के तौर पर दिये जायेंगे. परिवार के एक सदस्य को कारखाने में स्थायी नौकरी दी जायेगी.

प्रशासन और संगठन की मौजूदगी

समझौता वार्ता के दौरान धनंजय मांझी, कारखाना अधिकारी और आइएनटीटीयूसी के अन्य सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद थे. अचिंत्य मुखर्जी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और वाहनों की गति सीमा पर सख्त निगरानी रखी जायेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो. मुआवजे की घोषणा के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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