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19 लाख का कर्ज बढ़कर पहुंचा था 32 लाख

Updated at : 20 Dec 2024 11:41 PM (IST)
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19 लाख का कर्ज बढ़कर पहुंचा था 32 लाख

आवास के साथ राशन की दुकान भी थी, जिसे खाद्य विभाग ने पहले ही बंद कर दिया है, यह दुकान भी सील कर दी गयी.

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पार्षद की राशन दुकान भी पहले ही कर दी गयी थी बंद, वित्तीय संस्थान ने उसपर भी किया अपना कब्जा आसनसोल/कुल्टी. आसनसोल नगर निगम के कुल्टी क्षेत्र में वार्ड संख्या 63 के पार्षद व तृणमूल नेता सलीम अख्तर अंसारी का आवास शुक्रवार को आधार हाउसिंग फाइनांस संस्थान ने सील करके अपने कब्जे में ले लिया. आवास के साथ राशन की दुकान भी थी, जिसे खाद्य विभाग ने पहले ही बंद कर दिया है, यह दुकान भी सील कर दी गयी. वित्तीय संस्थान के आसनसोल शाखा के अधिकारी तारक सामंत ने बताया कि वर्ष 2018 में सलीम अख्तर अंसारी और उनके भाई शमीम अख्तर अंसारी ने 19 लाख रुपये का कर्ज लिया था. पिछले दो वर्षों से उनलोगों ने लोन का इएमआइ नहीं दिया है. कई बार नोटिस दिया गया. घर पर आकर नोटिस चिपकाया गया. इसके बाद भी कोई रकम जमा नहीं हुई. आखिरकार सर्फेसी एक्ट के तहत अदालत के आदेश पर पुलिस की उपस्थिति में घर पर कब्जा लिया गया. उनपर 32 लाख रुपये का कर्ज बकाया हो गया है. गौरतलब है कि वार्ड संख्या 63 के पार्षद व तृणमूल नेता सलीम अख्तर अंसारी पिछले डेढ़ माह से लापता हैं. सूत्रों के अनुसार उनके लापता होने के दो दिनों बाद उनके परिवार के सदस्य भी गायब हो गये, हालांकि गुमशुदगी की कोई शिकायत नहीं हुई है. पार्षद काफी विवादों में घिरे हुए थे. लापता होने के पहले उनकी सरकारी राशन दुकान को लेकर काफी हंगामा हुआ था. उनकी राशन दुकान को बंद करके ग्राहकों के कार्ड को पास के दूसरे राशन दुकान में शिफ्ट कर दिया गया. पार्षद के गायब होने का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि वित्तीय संस्थान द्वारा उनके आवास व दुकान पर शुक्रवार को कब्जा कर लिया गया. सत्तारूढ़ पार्टी के किसी नेता व पार्षद का आवास व दुकान वित्तीय संस्थान द्वारा कब्जे में लेने की काफी चर्चा हो रही है. सुबह भारी पुलिस बल के साथ वित्तीय संस्थान के अधिकारी जब पार्षद के घर के पास पहुंचे तो लोगों की भीड़ जुट गयी. आवास में पार्षद के भाई थे. उनका कहना था कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिली. जबकि वित्तीय संस्थान ने नोटिस की रिसीविंग की बात कही. आखिरकार उन्हें घर खाली करना पड़ा और बिना किसी विवाद के पार्षद के आवास व दुकान को सील कर दिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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