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डीवीसी श्रमिक संघ के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के कामगार संघ ने जीत दर्ज की

Updated at : 05 Dec 2024 9:46 PM (IST)
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डीवीसी श्रमिक संघ के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के कामगार संघ ने जीत दर्ज की

दो साल बाद आइएनटीटीयूसी से संबद्ध तृणमूल श्रमिक संगठन डीवीसी कामगार संघ ने फिर से डीवीसी श्रमिक संघ में जीत दर्ज की. इस बारे में कई लोगों का कहना है कि यदि इंटक के अधीन डीवीसी कर्मचारी संघ को अप्रत्यक्ष समर्थन नहीं मिलता, तो कामगार संघ को इस बार भी हार का मुंह देखना पड़ता.

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बांकुड़ा.

दो साल बाद आइएनटीटीयूसी से संबद्ध तृणमूल श्रमिक संगठन डीवीसी कामगार संघ ने फिर से डीवीसी श्रमिक संघ में जीत दर्ज की. इस बारे में कई लोगों का कहना है कि यदि इंटक के अधीन डीवीसी कर्मचारी संघ को अप्रत्यक्ष समर्थन नहीं मिलता, तो कामगार संघ को इस बार भी हार का मुंह देखना पड़ता. कर्मचारी संघ के महासचिव सुब्रत मिश्रा ने कहा कि हमने किसी से समझौता नहीं किया है. गलत आरोप लगाया जा रहा है.

हमारे संगठन के अध्यक्ष झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह के मुताबिक हमने दोस्ताना तरीके से लड़ाई लड़ी है. वहीं कर्मचारी संघ के एक वर्ग ने दावा किया कि यह निर्णय आत्मघाती था. डीवीसी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव स्वपन हेम्ब्रम ने कहा कि जीत आसान इसलिए हो गयी, क्योंकि उन्होंने कामगार संघ का समर्थन किया था. डीवीसी सूत्रों के अनुसार पिछले मंगलवार को डीवीसी श्रमिक यूनियन का चुनाव हुआ था. बुधवार को मतगणना हुई. पश्चिम बंगाल, झारखंड और दिल्ली में कुल 23 मतदान केंद्र थे. मतगणना केंद्र कोलकाता के उल्टाडांगा में डीवीसी प्रधान कार्यालय और मैथन में डीवीसी कार्यालय में था. डीवीसी वर्कर्स यूनियन का यह चुनाव हर दो साल में होता है. इस बार कुल 2980 मत पड़े थे. जिसमें कामगार संघ को 1414 वोट, श्रमिक संघ को 812 वोट, यूटीयूसी के नेतृत्व वाले कर्मचारी संघ को 223 वोट, डीवीसी मजदूर संघ को 250 वोट, कर्मचारी संघ को केवल 80 वोट और हिंद मजदूर किसान परिषद को 53 वोट मिले. कामगार संघ के महासचिव पुष्पेंजीत दास ने कहा कि यह चुनाव श्रमिकों के हित में है.

किसी ट्रेड यूनियन के ख़िलाफ़ वोट नहीं है. यह जीत डीवीसी अधिकारियों के मजदूर विरोधी फैसले को बदलने की जीत है. सीटू नेता व डीवीसी मजदूर यूनियन के ऑल वैली कार्यकारी अध्यक्ष समीर बाईन ने कहा कि भारत सरकार के श्रम अधिनियम के अनुसार डीवीसी मजदूरों के हित व सुरक्षा के लिए 15 से 50 प्रतिशत वोट पाने वाले संगठनों को मान्यता दी जानी चाहिए. . उन्होंने इस नतीजे को स्वीकार किया और सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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