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स्कूल से लौटी बेटी के मेहंदी रचे हाथों पर छड़ी के लाल निशान देख रो पड़े मां-बाप

Updated at : 22 Aug 2024 9:31 PM (IST)
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स्कूल से लौटी बेटी के मेहंदी रचे हाथों पर छड़ी के लाल निशान देख रो पड़े मां-बाप

आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र के गराई रोड इलाके में सेंट मेरी गोरेटी गर्ल्स हाइस्कूल में कक्षा नौ की छात्रा को मेहंदी लगा कर स्कूल जाने के कारण पीट दिया गया. स्कूल से लौटी बेटी के हाथों में मेहंदी की रंग के साथ छड़ी की पिटाई से बने लाल निशान देख कर माता-पिता के आंसू निकल गये.

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आसनसोल.

आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र के गराई रोड इलाके में सेंट मेरी गोरेटी गर्ल्स हाइस्कूल में कक्षा नौ की छात्रा को मेहंदी लगा कर स्कूल जाने के कारण पीट दिया गया. स्कूल से लौटी बेटी के हाथों में मेहंदी की रंग के साथ छड़ी की पिटाई से बने लाल निशान देख कर माता-पिता के आंसू निकल गये. छात्रा ने बताया कि राखी के अवसर पर उसने अपने हाथों में मेहंदी रचायी थी.

मेहंदी का रंग हाथों पर चढ़ा था. इसे लेकर ही वह दूसरे दिन स्कूल गयी. प्राचार्य ने उसके हाथों में मेहंदी लगी देख कर अपने ऑफिस बुलाया और छड़ी या बेंत से हाथों पर कई बार मारा. उसके बाद गार्जियन कॉल किया गया और ट्रांसफर सर्टीफिकेट (टीसी) देने की धमकी दी गयी. इस घटना से छात्रा का परिवार काफी चिंतित है. पीड़ित छात्रा ने बताया कि इसकी शिकायत थाने में की गयी है.

हालांकि पुलिस के अनुसार छात्रा थाने आयी थी, आपबीती भी सुनाई, लेकिन इस बाबत लिखित शिकायत नहीं की गयी. इस संबंध में स्कूल की प्राचार्य से फोन पर संपर्क किया गया, तो वह बाहर होने की बात कह कर कुछ भी बोलने से मुकर गयीं. बाद में उन्हें मैसेज भी किया गया, लेकिन कुछ जवाब नहीं आया.

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल राज्य सरकार से मान्यता व सहायता प्राप्त सेंट मेरी गोरेटी हाइस्कूल एक क्रिश्चियन अल्पसंख्यक संस्थान है. यह एक हिंदी माध्यम बालिका विद्यालय है, यहां कक्षा पांच से 12 तक की पढ़ाई होती है. कक्षा 11 व 12 में यहां कला, वाणिज्य व विज्ञान तीनों संकाय की पढ़ाई होती है. इसका परिचालन स्कूल प्रबंधन कमेटी करती है. यहां मुख्य रूप से हिंदीभाषी बच्चियां ही पढ़ा करती हैं.

सावन के सोमवार को तिलक लगा व कलावा बांध कर जाने पर भी थी पिटी

आसनसोल दिलदार नगर की रहनेवाली और कक्षा नौ की छात्रा ने बताया कि उसके साथ स्कूल में ऐसा दूसरी बार हुआ है. शिवभक्ति के पावन माह सावन के सोमवार को वह उपवास थी, उस दिन पूजा के बाद माथे पर टीका लगा कर और कलाई पर मौली या कच्चा धागा बांध कर स्कूल गयी थी. लाइन में ही सिस्टर ने देख लिया और वहीं से पीटते हुए अपने कार्यालय ले गयी और माथे पर लगा टीका मिटा दिया एवं कलावा खुलवा दिया. इस तरह टीका व धागे के साथ स्कूल में आगे से नहीं आने की चेतावनी दी गयी.

राखी यानी रक्षाबंधन के दिन घर में सभी मेहंदी लगवा रहे थे, बिटिया ने भी रचवा लिया. अगले दिन हाथों में मेहंदी का रंग लेकर ही बेटी स्कूल गयी, तो वहां उसे बुरी तरह पीट दिया गया और ट्रांसफर सर्टीफिकेट देने की धमकी भी दी गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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