सिंघारन किनारे अवैध मिट्टी भराई पर ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कार्रवाई

Author Amit kumar
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जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के तपसी रेलवे ओवरब्रिज के पास सिंघारन नदी के किनारे अवैध रूप से मिट्टी भराई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है.

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जामुड़िया.

जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के तपसी रेलवे ओवरब्रिज के पास सिंघारन नदी के किनारे अवैध रूप से मिट्टी भराई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां ””नदी बचाओ समितियां”” सिंघारन नदी के संरक्षण की लगातार मांग कर रही हैं, वहीं दिनदहाड़े डंपरों का उपयोग करके नदी के किनारों को भरा या पाटा जा रहा था.

पांच दिनों से चल रहा था अवैध कार्य

स्थानीय सूत्रों की मानें, तो बंद पड़े पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) से मिट्टी उठा कर ओवरब्रिज के नीचे बहनेवाली सिंघारन नदी के किनारे तेजी से समतल किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि यह अवैध मिट्टी भराई का काम पिछले पांच दिनों से जारी था, जिससे नदी के प्राकृतिक बहाव व संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचने का अंदेशा था.

इसीएल की जमीन पर कार्रवाई

जिस इलाके में यह मिट्टी भराई हो रही थी, वह इसीएल की भूमि बतायी जा रही है. गुरुवार को जैसे ही यह पूरा मामला ईसीएल अधिकारियों के संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए काम को रुकवा दिया. इस संबंध में कुनुस्तोड़िया कोलियरी के एक सुरक्षा अधिकारी ने पुष्टि की कि संबंधित जमीन ईसीएल की है. महाप्रबंधक के आदेश पर फिलहाल उस इलाके में मिट्टी भराई का कार्य रुकवा दिया गया है. एक अन्य इसीएल अफसर ने भी महाप्रबंधक के आदेशानुसार काम रोके जाने की तसदीक करते हुए कहा कि कंपनी अपनी जमीन पर हो रहे इस अवैध कार्य के खिलाफ सख्त है. अभी साफ नहीं हो सका है कि यह भराई किस उद्देश्य से और किसके निर्देश पर चल रही थी. पर नदी बचाओ कार्यकर्ताओं ने इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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