नवंबर महीने में नहीं मिली पेंशन दिसंबर में भी अब तक हाथ खाली!

Author Amit kumar
Updated:
विज्ञापन

फंड के अभाव में आसनसोल नगर निगम के पेंशनभोगियों का पेंशन फिलहाल बंद कर दिया गया है. पिछले महीने पेंशन नहीं मिली और इस माह भी मिलने को लेकर अनिश्चयता बरकरार है.

विज्ञापन

आसनसोल.

फंड के अभाव में आसनसोल नगर निगम के पेंशनभोगियों का पेंशन फिलहाल बंद कर दिया गया है. पिछले महीने पेंशन नहीं मिली और इस माह भी मिलने को लेकर अनिश्चयता बरकरार है. प्रतिमाह एक तारीख को पेंशन की राशि मिल जाती थी, पिछले माह नहीं मिली, इस माह में भी राशि नहीं आयी.

नगर निगम में वित्त अधिकारी के कार्यालय के दीवार पर एक नोटिस लगा दिया गया है, जिसमें लिखा गया है कि डायरेक्टरेट ऑफ लोकल बॉडी (डीएलबी) से फंड मिलने के बाद पेंशन आवंटित की जायेगी. क्लेम न मिलने का कारण और इसकी मौजूदा स्थिति जानने के लिए इस्टैब्लिशमेंट सेक्शन के मोहनतो पाल से संपर्क करें. इस नोटिस में किसी का हस्ताक्षर या बाई ऑर्डर कुछ भी नहीं लिखा है. मेयर विधान उपाध्याय से पूछने पर उन्होंने कहा कि फंड नहीं आने के कारण पेंशन बंद है, फंड आते ही आवंटित कर दिया जाएगा. नगर निगम में वित्त विभाग के पूर्व कर्मचारी व पेंशनर ने बताया कि पेंशन की 60 फीसदी राशि निगम देता है और 40 फीसदी राशि म्युनिसिपल अफेयर्स विभाग देता है. डीएलबी से कोई राशि नहीं आती है. नगर निगम आयुक्त से इस विषय में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह अभी-अभी ही चार्ज ग्रहण की हैं, जानकारी लेकर ही बता पाएंगी.गौरतलब है कि नगर निगम में करीब 1600 पेंशनभोगी हैं. जिसमें से अधिकतर ग्रुप डी के कर्मचारी हैं. फंड के अभाव में पिछले माह से सभी का पेंशन बंद है. जिससे इनलोगों की हालत काफी खराब है. एक पेंशनभोगी ने बताया कि इस उम्र में रोटी से ज्यादा दवाई पर खर्च हो जाता है. पेंशन पर ही पूरा परिवार निर्भर है. एक माह तो किसी तरह गुजार लिया, इस माह भी पेंशन नहीं मिला तो स्थिति काफी खराब हो जायेगी.

अंतिम माह के वेतन के बेसिक के आधे के साथ डीए की राशि जोड़ मिलती है पेंशन

नगर निगम के कर्मचारियों को पेंशन के रूप में अंतिम माह के वेतन के बेसिक का आधा पैसा के साथ डीए की राशि जोड़कर प्रतिमाह पैसा मिलता है. निगम में वित्त विभाग के पूर्व अधिकारी ने बताया कि प्रोविडेंड फंड (पीएफ) में कर्मचारी का जितना पैसा कटता है नियोक्ता को भी उतना ही पैसा देना होता है. दोनों पैसा मिलकर जमा होता है और उस पर ब्याज मिलता रहता है. अवकाश ग्रहण में बाद ब्याज के साथ पूरा पैसा मिलता है. जो एक मोटी रकम होती है. नगर निगम के कर्मचारियों का जनरल प्रोविडेंड फंड है. यहां नियोक्ता का अंशदान ही पेंशन के रूप में अवकाश ग्रहण के बाद प्रतिमाह मिलता है. सरकार कर्मचारियों का पैसा ही अपने पास रखकर उसके व्याज से पेंशन देती है, पेंशन का पैसा कर्मचारी की हक की राशि है, इसे फंड के अभाव में रोकना सरकार की दिवालियापन की निशानी है. हर माह एक से दो तारीख के अंदर पेंशन की राशि खाते में आ जाती थी. पिछले चार पांच माह से पांच-छह तारीख के तक राशि आ जाती थी. नवंबर माह में पेंशन की राशि नहीं आयी. इस माह में तो नोटिस लगा दिया गया कि डीएलबी से फंड आने पर पेंशन दी जायेगी. जबकि पेंशन की राशि डीएलबी से नहीं आती है, पेंशन की 60 फीसदी राशि नगर निगम और 40 फीसदी राशि म्युनिसिपल अफेयर्स विभाग देता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Amit Kumar

लेखक के बारे में

By Amit Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola