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डॉ कुशवाहा को बाल साहित्य में श्रेष्ठ सृजन कर्म के लिए मिला राजवल्लभ साहित्य सम्मान

Updated at : 03 Oct 2024 9:48 PM (IST)
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डॉ कुशवाहा को बाल साहित्य में श्रेष्ठ सृजन कर्म के लिए मिला राजवल्लभ साहित्य सम्मान

रानीगंज पंजाबीमोड़ इलाके के आनंदपल्ली, पीएस कॉलोनी के निवासी व काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. महेंद्र प्रसाद कुशवाहा को अनवरत साहित्य साधना, सामाजिक दायित्व बोध व बाल साहित्य में श्रेष्ठ सृजन कर्म के लिए समर्पण के लिए प्रेस्टिज संस्थान देवरिया द्वारा राजवल्लभ साहित्य सम्मान 2022 प्रदान किया गया. उनके इस सम्मान से पूरा शिल्पांचल गौरवान्वित हुआ है.

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आसनसोल/रानीगंज.

रानीगंज पंजाबीमोड़ इलाके के आनंदपल्ली, पीएस कॉलोनी के निवासी व काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. महेंद्र प्रसाद कुशवाहा को अनवरत साहित्य साधना, सामाजिक दायित्व बोध व बाल साहित्य में श्रेष्ठ सृजन कर्म के लिए समर्पण के लिए प्रेस्टिज संस्थान देवरिया द्वारा राजवल्लभ साहित्य सम्मान 2022 प्रदान किया गया. उनके इस सम्मान से पूरा शिल्पांचल गौरवान्वित हुआ है. 
यह सम्मान पाने वाले वह सातवें व्यक्ति हैं. इससे पहले देश के छह मशहूर साहित्यकारों को यह सम्मान मिला है. कृष्ण शलभ को वर्ष 2016 में, कमलेश भट्ट को वर्ष 2017, सूर्यनाथ सिंह को वर्ष 2018 में, राणा यशवंत को वर्ष 2019 में, प्रोफेसर कमलेश वर्मा को 2020, प्रोफेसर हरिणी रानी आगर को वर्ष 2021 और डॉ. कुशवाहा को वर्ष 2022 में यह सम्मान प्राप्त हुआ है. मानपत्र, मोमेंटो के साथ 21 हजार रुपये का चेक देकर डॉ. कुशवाहा को सम्मानित किया गया. बीएचयू में जाने से पहले डॉ. कुशवाहा रानीगंज टीडीबी कॉलेज में हिंदी विभाग में सहायक आचार्य के पद पर थे. उनकी पत्नी अरुणा कुमारी रानीगंज रानीशायर हिंदी जूनियर स्कूल में शिक्षिका हैं.

गौरतलतब है कि देवरिया (उत्तर प्रदेश) में स्थित राज्य के सर्वश्रेठ शिक्षा प्रतिष्ठानों में से एक प्रेस्टिज संस्थान ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्रों में भी अपनी अलग पहचान बनायी है. यह संस्था पूरे देशभर में हिंदी साहित्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य करनेवालों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से हर साल सम्मान समारोह का आयोजन करती है. दो अक्तूबर को देवरिया में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. कुशवाहा को बाल साहित्य में श्रेष्ठ सृजन के लिए राजवल्लभ साहित्य सम्मान मिला. डॉ. कुशवाहा ने निर्णायक मंडली में शामिल साहित्यकार व संस्कृत के विद्वान आचार्य परमेश्वर जोशी, प्रतिष्ठित अधिवक्ता व रचनाकार उद्धव मिश्रा, बिलासा कॉलेज, बिलासपुर की प्रोफेसर हरिणी रानी आगर के साथ प्रेस्टिज संस्था का आभार व्यक्त किया और कहा कि कोई भी सम्मान, प्रोत्साहन के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी को और भी बढ़ा देती है. संस्था ने जिस कार्य की बदौलत उन्हें यह सम्मान प्रदान किया आगामी दिनों में इसपर और भी बेहतर कार्य करना ही उनका लक्ष्य है.

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