मलानदीघी के आकंदरा गांव में डायरिया का प्रकोप

Updated at : 07 Feb 2025 12:54 AM (IST)
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मलानदीघी के आकंदरा गांव में डायरिया का प्रकोप

ग्रामीणों को लगता है कि आदिवासियों पर्व के बाद गांव में मौजूद चापाकल का पानी पीने के बाद लोगों में तेज पेटदर्द, उलटी व दस्त के लक्षण दिखने लगे.

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27 लोगों में कुछ महकमा अस्पताल कुछ ईएसआइ हॉस्पिटल व कुछ अन्य नर्सिंग होम में भर्ती कई लोगों का गांव में ही चल रहा उपचार पानागढ़. पश्चिम बर्दवान के कांकसा ब्लॉक अंचल के मलानदीघी ग्राम पंचायत के अधीन आदिवासी बहुल आकंदरा गांव में डायरिया या अतिसार का प्रकोप फैल गया है. उलटी व दस्त के लक्षणों के साथ कई महिलाओं समेत 27 ग्रामीणों को दुर्गापुर महकमा अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है. वहीं, कम से कम सात ऐसे बीमार लोगों का गांव के घर पर ही इलाज चल रहा है. इस बीच, जिला स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम गांव में पहुंच कर कैंप कर रही है और बीमार लोगों के इलाज में लग गयी है. डायरिया के प्रकोप से गांव के लोग सहमे हुए हैं. उनमें जिला प्रशासन की भूमिका को लेकर नाराजगी भी है. ग्रामीणों को लगता है कि आदिवासियों पर्व के बाद गांव में मौजूद चापाकल का पानी पीने के बाद लोगों में तेज पेटदर्द, उलटी व दस्त के लक्षण दिखने लगे. एक के बाद एक कई लोग बीमार हो गये. गुरुवार को 27 ऐसे बीमार लोगों को दुर्गापुर महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया. सात ग्रामीणों का गांव के घर से ही इलाज चल रहा है. ग्रामीणों की शिकायत है कि घटना के बाद अब तक उस चापाकल को सील नहीं किया गया है. गांव में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है. बुधवार शाम से कई लोगों में पेटदर्द की शिकायत दिखने लगी. गुरुवार की सुबह तक, 27 लोगों को दुर्गापुर महकमा अस्पताल, दुर्गपुर ईएसआइअस्पताल और मलानदीघी के निजी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. क्षेत्र में बीमार सात अन्य लोगों को घर पर ही दवाएं दी जा रही हैं. गांव में आदिवासी त्योहार के समाप्त होने के एक दिन बाद ही यह समस्या शुरू हो गयी. कई लोगों को दस्त व उल्टी होने लगे. अभी तक गांव में टैंकर से स्वच्छ पेयजल नहीं पहुंचाया जा रहा है. गांव के लोग चापाकल या ट्यूबेल का पानी पीने को मजबूर हैं. हालांकि, मलानदीघी हेल्थ सेंटर के एक चिकित्सक राजीव नंदी ने कहा, उल्टी व दस्त के मामलों की निगरानी की जा रही है. ग्रामीणों को उबला पानी पीने को कहा जा रहा है. गांव के लोगों को ब्लीचिंग पाउडर दिया जायेगा. हैंडपंप व ट्यूबवेल्स को सील किया जा रहा है. पंचायत के सदस्य सुनीत चटर्जी ने कहा कि गुरुवार से ही गांव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए लोक स्वास्थ्य तकनीकी कार्यालय को कहा गया है. डॉक्टरों की टीम गांव में कैंप कर रही है. ग्रामीणों को घबड़ाने की जरूरत नहीं है.

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