ePaper

भारतीय आदिवासी भूमिज समिति का प्रदर्शन

Updated at : 17 Apr 2025 1:16 AM (IST)
विज्ञापन
भारतीय आदिवासी भूमिज समिति का प्रदर्शन

विरोध प्रदर्शन के बाद भारतीय आदिवासी भूमिज , जिला कमिटी के प्रतिनिधियों ने डीएम को अपना ज्ञापन सौंपा.

विज्ञापन

फिर जिलाधिकारी को दिया गया 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन बांकुड़ा. भारतीय आदिवासी भूमिज समिति की जिला कमेटी के आह्वान पर यहां सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया गया. फिर जिलाधिकारी सियाद एन को 10 सूत्री मांगों पर एक ज्ञापन सौंपा गया. मुख्य मांगों में चुआर विद्रोह के इतिहास को मिटाने, भूमिज भाषा को बंगाल की दूसरी राजभाषा के रूप में मान्यता देना, भूमिज राष्ट्र के पवित्र स्थानों जाहेर थान और हरशाली का संरक्षण, भूमिज जनजाति के नामवाले फर्जी प्रमाण-पत्रों पर रोक लगाना आदि शामिल है. विरोध प्रदर्शन के बाद भारतीय आदिवासी भूमिज , जिला कमिटी के प्रतिनिधियों ने डीएम को अपना ज्ञापन सौंपा. इससे पहले आदिवासी संगठन के सदस्य जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय तक पहुंचे, जहां उन्हें गेट के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने रोक दिया. डीएम कार्यालय के अंदर नहीं जा पाने से नाराज आदिवासियों ने चौराहे को जाम कर दिया. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई. मौके पर आदिवासी संगठन के केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष तपन कुमार सरदार ने कहा कि जुलूस को पुलिसवालों ने अमानवीय ढंग से रोका. कोई नियम-कानून नहीं तोड़ा जा रहा था, आदिवासी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, फिर भी पुलिसवालों ने उनके प्रतिनिधियों को रोका. आदिवासी चाहते हैं कि भूमिज भाषा को द्वितीय राजभाषा की स्वीकृत दी जाये, महानायक गंगानाथ राय एवं रघुनाथ सिंह की जयंती पर साधारण छुट्टी घोषित करने समेत दस सूत्री मांगें की गयी हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
GANESH MAHTO

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola