चुरुलिया में कोयला खदान परियोजना के खिलाफ माकपा नेताओं का प्रदर्शन

Updated at : 10 Jun 2025 9:35 PM (IST)
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चुरुलिया में कोयला खदान परियोजना के खिलाफ माकपा नेताओं का प्रदर्शन

जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चुरुलिया में माकपा ने वेस्ट बंगाल पीडीसीएल ओसीपी परियोजना के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने परियोजना से जुड़े कई सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों को उठाया और कंपनी को ज्ञापन सौंपा.

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जामुड़िया.

जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चुरुलिया में माकपा ने वेस्ट बंगाल पीडीसीएल ओसीपी परियोजना के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने परियोजना से जुड़े कई सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों को उठाया और कंपनी को ज्ञापन सौंपा.

प्रदर्शन की शुरुआत चुरुलिया के चौधरी पुकुर से एक बड़ी रैली के रूप में हुई, जो पीडीसीएल कंपनी के कार्यालय तक पहुंची. प्रदर्शनकारियों को आरंभ में पुलिस ने परिसर में घुसने से रोका, लेकिन कुछ देर बाद गेट खोल दिया गया और माकपा प्रतिनिधिमंडल ने कंपनी प्रबंधन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा.

स्थानीय लोगों से बिना परामर्श भूमि अधिग्रहण पर आपत्ति

माकपा कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांग थी कि कोयला खदान परियोजना में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाये. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आसपास के गांवों और मोहल्लों को विस्थापित नहीं किया जा सकता. माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पहले अपनी जमीन दी थी, उन्हें यह विश्वास दिलाया गया था कि वहां स्कूल बनेगा, लेकिन अब वहां कोयला खदान तैयार की जा रही है.

जन संवाद और पुनर्वास की मांग

वामपंथी नेता मनोज दत्त ने कहा कि परियोजना से पहले स्थानीय लोगों से जनसंवाद किया जाना जरूरी है. उन्होंने कहा “यह जरूरी है कि कोई भी कदम उठाने से पहले सार्वजनिक बैठकें की जायें और लोगों की राय ली जाये. जिस दिशा में जनता राय देगी, उसी के अनुसार आगे बढ़ना होगा.”

प्रदूषण, जर्जर सड़कें और भू-धसान की चिंता

दत्त ने क्षेत्र में लगातार बढ़ते प्रदूषण, सड़क की खराब हालत और भू-धसान की गंभीर स्थिति को लेकर भी चिंता जतायी. उन्होंने विशेष रूप से जयनगर गांव का उल्लेख किया जो भू-धंसान की चपेट में है, लेकिन इसके समाधान के लिये कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं.

संघर्ष जारी रहेगा

उन्होंने कहा कि “इस तरह की स्थिति को और अधिक बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. माकपा एक जिम्मेदार राजनीतिक दल है और जनता की समस्याओं को उजागर करने और उनके समाधान के लिये संघर्ष करना हमारा दायित्व है.” फिलहाल कंपनी की ओर से प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है. स्थानीय लोग आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं.

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