ePaper

लिस्ट से वोटर्स के नाम हटने पर रानीगंज में माकपा का हल्लाबोल

Updated at : 05 Mar 2026 9:46 PM (IST)
विज्ञापन
लिस्ट से वोटर्स के नाम हटने पर रानीगंज में माकपा का हल्लाबोल

पश्चिम बंगाल में एसआइआर प्रक्रिया के बाद जारी अंतिम वोटर्स लिस्ट में लाखों मतदाताओं के नाम ''एडजुडिकेशन'' यानी विचाराधीन श्रेणी में डाले जाने के खिलाफ माकपा ने मोर्चा खोल दिया.

विज्ञापन

रानीगंज.

पश्चिम बंगाल में एसआइआर प्रक्रिया के बाद जारी अंतिम वोटर्स लिस्ट में लाखों मतदाताओं के नाम ””एडजुडिकेशन”” यानी विचाराधीन श्रेणी में डाले जाने के खिलाफ माकपा ने मोर्चा खोल दिया. गुरुवार को रानीगंज ब्लॉक प्रशासनिक कार्यालय में माकपा नेताओं व कैडरों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और धांधली का आरोप लगाते हुए हुंकार भरी.

कदमडांगा से बीडीओ ऑफिस तक विशाल जुलूस

आक्रोशित लोगों का एक विशाल हुजूम कदमडांगा कार्यालय से लाल झंडों के साथ रवाना हुआ. गगनभेदी नारों के साथ यह जुलूस ब्लॉक मुख्यालय पहुँचा.प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार बुनियादी हक है और इसे किसी भी सूरत में छीना नहीं जा सकता.बीडीओ की अनुपस्थिति में जॉइंट बीडीओ को एक मांग पत्र सौंपा गया.

60 लाख मतदाताओं का भविष्य दांव पर : माकपा का आरोप

एरिया कमेटी के नेताओ में सुप्रियो रॉय, हेमंत प्रभाकर, पूर्णदास बनर्जी और संजय प्रामाणिक ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि 28 फरवरी को जारी लिस्ट में राज्य के लगभग 60 लाख लोगों के नाम एडजुडिकेशन सूची में डाल दिए गए हैं, जिन पर अब अदालत के जज फैसला लेंगे. नेताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी और भाजपा मिलकर जानबूझकर दलितों, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के वैध मतदाताओं के नाम काटने का षड्यंत्र रच रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग गोपनीय तरीके से किसी का नाम नहीं हटा सकता. जिन नामों को विचाराधीन रखा गया है, उनके कारण सार्वजनिक किये जायें.

रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जिलाधिकारी, एसडीओ और बीडीओ इस त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया में चुनाव आयोग की मदद कर रहे हैं. उन्होंने प्रमुखता से अपनी मांगे रखते हुए कहा कि केवल फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम ही हटाए जाएं, वैध मतदाताओं को परेशान न किया जाए. जिन मतदाताओं का 2002 के साथ मैपिंग हो चुका है, उन्हें तुरंत वैध घोषित किया जाए. आगामी सप्लीमेंट्री लिस्ट में एक भी जायज वोटर का नाम नहीं कटना चाहिए.

वामपंथ को ही बताया एकमात्र विकल्प

माकपा नेताओं ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ तृणमूल की भ्रष्टाचार की राजनीति है और दूसरी तरफ भाजपा की सांप्रदायिक विभाजन की नीति. इन दोनों के बीच फंसे बंगाल के पुनरुत्थान के लिए वामपंथी रास्ता ही एकमात्र विकल्प है. उन्होंने जनता से आह्वान किया कि रोटी, रोजी और मतदान के अधिकार को बचाने के लिए सड़कों पर उतरकर एकजुट जनप्रतिरोध खड़ा करें. माकपा ने साफ किया कि यदि मतदाता सूची को पारदर्शी व त्रुटिमुक्त नहीं बनाया गया, तो प्रशासन के खिलाफ बातचीत व आंदोलन दोनों निरंतर जारी रहेंगे.

विज्ञापन
AMIT KUMAR

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola