एसआइआर प्रक्रिया के खिलाफ माकपा व तृणमूल का प्रदर्शन

प्रदर्शन के दौरान नेताओं व समर्थकों ने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए इससे बाज आने की अपील की.
भाजपा के इशारे से चुनाव आयोग पर असल वोटरों के नाम हटाने का आरोप
दोनों दलों पर भाजपा ने किया कटाक्ष
दुर्गापुर. सोमवार सुबह सिटी सेंटर स्थित महकमा शासक कार्यालय के सामने एसआइआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के विरोध में सीपीएम और तृणमूल कांग्रेस ने अलग-अलग प्रदर्शन किया. दोनों दलों ने चुनाव आयोग पर भाजपा के दबाव में काम करने और एसआइआर की आड़ में वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का आरोप लगाया. प्रदर्शन के दौरान नेताओं व समर्थकों ने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए इससे बाज आने की अपील की. माकपा जिला कमेटी सदस्य पार्थ दास ने कहा कि एसआइआर के नाम पर वर्षों से रह रहे नागरिकों को बांग्लादेशी या रोहिंग्या बता कर तंग किया जा रहा है. सुनवाई के बहाने वरिष्ठ मतदाताओं को बुलाकर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है.
उधर, तृणमूल कांग्रेस के दो नंबर ब्लॉक अध्यक्ष उज्ज्वल मुखर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर नियम बदल रहा है. माइनॉरिटी वोटरों को निशाना बनाकर जबरन सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि असली वोटरों के नाम हटाने की साजिश के खिलाफ तृणमूल ने पूरे राज्य में आंदोलन शुरू किया है.
उधर, भाजपा प्रवक्ता सुमंत मंडल ने सीपीएम और तृणमूल के संयुक्त आंदोलन पर पलटवार करते हुए कहा कि इससे साफ है कि दोनों दल अवैध वोटरों और घुसपैठियों को बचाने के लिए एकजुट हुए हैं.
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