ePaper

बीरभूम में वनकर्मियों के डार्ट गन इंजेक्शन से काबू में आये दोनों हाथी

Updated at : 17 Jan 2025 11:28 PM (IST)
विज्ञापन
बीरभूम में वनकर्मियों के डार्ट गन इंजेक्शन से काबू में आये दोनों हाथी

मकर संक्रांति पर यहां जयदेव-केंदुली मेला लगा हुआ है, जिससे पश्चिम बर्दवान और बीरभूम के प्रशासनिक अधिकारी चिंतित थे.

विज्ञापन

वन विभाग हाथियों को ले जायेगा बांकुड़ा, परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ दिये जायेंगे बीरभूम. शुक्रवार सुबह बीरभूम के जयदेव में दो जंगली हाथियों के आने की सूचना मिलते ही जयदेव-केंदुली मेला में आये लोगों व दुकानदारों में खौफ छा गया. दोनों हाथियों को खदेड़ने के लिए बांकुड़ा, बर्दवान व बीरभूम के वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लगे हुए थे. दोनों हाथी अजय नदी के तट पर आये.

मकर संक्रांति पर यहां जयदेव-केंदुली मेला लगा हुआ है, जिससे पश्चिम बर्दवान और बीरभूम के प्रशासनिक अधिकारी चिंतित थे. बर्दवान व बीरभूम रेंज के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हुए थे. सुंदरवन से हुल्ला पार्टी को भी बुला कर हाथियों के पीछे लगाया गया था. अंतत: वन विभाग के कर्मचारियों ने डार्ट गन इंजेक्शन को दाग कर दोनों हाथियों को काबू में लाया.

मालूम रहे कि गुरुवार रात दो हाथी बांकुड़ा के बरजोड़ा से पूर्व बर्दवान के कांकसा होते हुए शुक्रवार सुबह अजय नदी के किनारे जयदेव मोड़ के पास चले आये. जयदेव मेला क्षेत्र में दो विकसित नर व मादा हाथी के जोड़े को देख कर जयदेव मेला के लोगों में भय समा गया. दोनों हाथी जिले के दुबराजपुर थाना क्षेत्र के लोबा इलाके से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-14 की ओर आ रहे थे. इस रोड के पास अजय नदी के किनारे विशाल जयदेव-केंदुली मेला चल रहा है. इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर बल पड़े हुए थे. इलाके में दहशत भी थी. हुल्ला पार्टी के साथ डार्ट गन लिये दो शूटर भी बुलाये गये.

गाड़ी पर लाद बांकुड़ा ले जाये जायेंगे हाथी, फिर चेकअप के बाद जंगल में छोड़ दिये जायेंगे

जयदेव मोड़ से पहले एक तालाब के पास हाथियों पर डार्ट गन से बेहोशी का इंजेक्शन दागा गया. इंजेक्शन लगने के बाद दोनों हाथियों पर काबू पाया गया. प्रशासन से जुड़े सूत्रों की मानें, तो दोनों हाथियों को शिफ्ट करने के लिए दो हाइड्रा वाहन मंगाये गये. दोनों हाथियों को गाड़ियों में लाद कर बांधा जायेगा और फिर वापस बांकुडा के जंगल ले जाया जायेगा. वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्राथमिक उपचार के बाद दोनों हाथियों को बांकुड़ा के जंगल में छोड़ दिया जायेगा. हाथियों को पकड़ने के बाद प्रशासन की चिंता फिलहाल कम हो गयी है. जयदेव-केंदुली मेला के लोगों ने भी राहत की सांस ली है. समझा जाता है कि हाथियों के झुंड से भटक कर हाथी का यह जोड़ा कांकसा और बीरभूम पहुंच गया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola