बोनाफाइड फॉर्म बाहर से खरीदने के लिये विवश हो रहीं छात्राएं
गड़बड़ी. नगर निगम संचालित आगा बेग म्यूनििसपल हाइ स्कूल में परेशानी आसनसोल : आसनसोल नगर निगम द्वारा संचालित एक मात्र शिक्षा प्रतिष्ठान आगा बेग म्यूनिसपल हाई स्कूल में कन्याश्री प्रकल्प में बैंक में खाता खुलवाने के लिये जरुरी बोनाफाइड सर्टिफिकेट का फार्म स्कूल में उपलब्ध नहीं है. छात्रओं को दो रुपया देकर यह फार्म स्कूल […]
गड़बड़ी. नगर निगम संचालित आगा बेग म्यूनििसपल हाइ स्कूल में परेशानी
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम द्वारा संचालित एक मात्र शिक्षा प्रतिष्ठान आगा बेग म्यूनिसपल हाई स्कूल में कन्याश्री प्रकल्प में बैंक में खाता खुलवाने के लिये जरुरी बोनाफाइड सर्टिफिकेट का फार्म स्कूल में उपलब्ध नहीं है. छात्रओं को दो रुपया देकर यह फार्म स्कूल के निकट एक जेरेक्स सेंटर से लेना पड़ रहा है.
छात्रओं ने यह फार्म स्कूल से ही मुहैया कराने के लिये प्रधानाध्यापिका तृप्ति भटटाचार्या से आग्रह करने पर उन्हें डांट कर भगा दिया और सामने जेरॉक्स दुकान से खरीदने को कहा. आमतौर पर यह फॉर्म स्कूल के स्तर से उपलब्ध होता है. मेयर परिषद सदस्य (शिक्षा) अंजना शर्मा ने कहा कि इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
राज्य सरकार शिक्षा विभाग के नियमानुसार बोनाफाइड सर्टिफिकेट स्टूडेंट्सों को स्कूल से नि:शुल्क मुहैया कराने का प्रावधान है. कन्याश्री प्रकल्प के लिये आसनसोल ननि द्वारा संचालित आगा बेग म्यूनिसिपल हाई स्कूल में छात्रओं को बैंक का खाता खुलवाने में ही समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
इस परियोजना का लाभ 13 से 19 साल तक के छात्रओं को लगातार पढ़ायी जारी रखने पर ही मिलता है. 13 साल उम्र में छात्रओं के पास परिचय प्रमाण पत्र का अभाव होता है. जिसके कारण बैंक का खाता खुलवाने के लिये स्कूल प्रबंधन द्वारा उन्हें बोनाफाइड सर्टिफिकेट मुहैया कराया जाता है.
लेकिन आगाबेग हाई स्कूल से छात्रओ को बोनाफाइड सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा है. छात्रओं को बाहर के एक जेरेक्स दुकान से स्कूल का बोनाफाइड सर्टिफिकेट का फार्म दो रुपये में खरीदना पड़ता है. स्कूल के प्रधानाध्यापिका से इस विषय में पुछने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. इस विद्यालय के अधिकांश छात्रएं बीपीएल तालिका के अंतर्गत है.
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबध्ांन जेरॉक्स दुकान से सांठ गांठ कर उसे आर्थिक मदद पहुंचा रहा है. जिसकी भरपायी अभिभावकों को करनी पड़ रही है. शिक्षा विभाग की एमएमआइसी श्रीमती शर्मा ने जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की.
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