सरकार के दिये पट्टा जमीन पर कोयला खनन का ग्रामीणों ने किया विरोध
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Nov 2019 2:07 AM
रानीगंज : ईसीएल के कुनुस्टोरिया एरिया अंतर्गत चलने वाली बांसड़ा ओसीपी में कोयला खनन के तहत ओसीपी के समीप रहने वाले आदिवासी बहुल इलाका के नौ आदिवासी ग्रामीणों का सरकार द्वारा दिए गए पट्टा जमीन पर कोयला निकाले जाने का विरोध करते हुए बांसड़ा ओसीपी के कार्यालय के समक्ष मंगल हेम्ब्रम तथा संजय हेम्ब्रम के […]
रानीगंज : ईसीएल के कुनुस्टोरिया एरिया अंतर्गत चलने वाली बांसड़ा ओसीपी में कोयला खनन के तहत ओसीपी के समीप रहने वाले आदिवासी बहुल इलाका के नौ आदिवासी ग्रामीणों का सरकार द्वारा दिए गए पट्टा जमीन पर कोयला निकाले जाने का विरोध करते हुए बांसड़ा ओसीपी के कार्यालय के समक्ष मंगल हेम्ब्रम तथा संजय हेम्ब्रम के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने धरना प्रदर्शन किया.
लगभग चार घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के पश्चात ईसीएल प्रबंधन ने पंजाबी मोड़ फाड़ी पुलिस व ग्रामीणों के साथ त्रिपक्षीय बैठक की. इस बैठक में कुनुस्टोरिया एरिया के मुख्य कार्मिक प्रबंधक मंजूर आलम, एरिया सर्वेअर चंडी चरण तपदार, ओसीपी के एजेंट एके सालुई, पंजाबी मोड़ फाड़ी प्रभारी सोमेन बनर्जी तथा ग्रामीणों की ओर से संजय हेम्ब्रम तथा मंगल हेम्ब्रम उपस्थित थे.
संजय हेम्ब्रम ने ईसीएल प्रबंधन को सात दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जिन लोगों की जमीन पर ईसीएल ने कोयला खनन किया है, अगर उन्हें सात दिन के अंदर मुआवजा नहीं दिया गया तो आदिवासी समाज के लोग बांसड़ा ओसीपी का उत्पादन ठप कर देंगे और साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर बांसड़ा मोड़ के समीप रास्ता अवरोध किया जायेगा.
संजय हेम्ब्रम ने बताया कि वर्ष 2000 में वामफ्रंट के कार्यकाल में बांसड़ा में कई आदिवासी ग्रामीणों को सरकार द्वारा जमीन का पट्टा दिया गया था, जबकि वर्ष 2015 में राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वारा आदिवासियों के देवता जोहार इरा मरांग बुरु के लिए जमीन का पट्टा दिया गया था. पर ईसीएल प्रबंधन एक ओर जहां नौ ग्रामीणों का पट्टा जमीन को काटकर कोयला निकाल रही है ,वहीं दूसरी ओर जिस स्थान पर आदिवासियों के देवता विराजमान है.
उस स्थान से भी कोयला निकालने के लिए तीन बार प्रयास कर चुकी है. हालांकि आदिवासियों द्वारा तीर धनुष लेकर विरोध किये जाने पर वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए हैं. उन्होंने कहा कि ईसीएल प्रबंधन साजिश कर पूरे बांसड़ा ग्राम को खाली कराना चाह रही है, जिसे आदिवासी किसी भी कीमत पर होने नही देंगे.
संजय ने बताया कि बांसड़ा ओसीपी के एजेंट तानाशाही रवैया अपना रहे हैं. प्रबंधन को जमीन का नक्शा दिये जाने के बावजूद भी बार-बार वे नक्शा नहीं दिए जाने का बात कह कर टाल बहाना कर रहे हैं. दूसरी ओर, इस बैठक में ईसीएल प्रबंधन ने पांच दिसंबर तक का समय लिया है और साथ ही इनकी मांगों पर विचार करने आश्वासन दिया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










