कालना की मसलीन साड़ी, स्टोल हो रही निर्यात
Updated at : 02 Oct 2019 2:17 AM (IST)
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एक साड़ी की कीमत होती है 14 हजार से लेकर 44 हजार रुपये तक राज्य सरकार की पहल पर कादीपाड़ा में स्थापित किया गया है कलस्टर लंदन और जापान में हुआ है निर्यात, आनेवाले समय में विकास की आशा बर्दवान : कालना में निर्मित मसलीन साड़ी राज्य के लघु उद्योग विभाग की पहल पर लंदन […]
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एक साड़ी की कीमत होती है 14 हजार से लेकर 44 हजार रुपये तक
राज्य सरकार की पहल पर कादीपाड़ा में स्थापित किया गया है कलस्टर
लंदन और जापान में हुआ है निर्यात, आनेवाले समय में विकास की आशा
बर्दवान : कालना में निर्मित मसलीन साड़ी राज्य के लघु उद्योग विभाग की पहल पर लंदन (ब्रिटेन) में निर्यात हो रही है. इसके साथ ही इसका निर्यात जापान में भी किया गया है. कालना में बेहतरीन मसलीन कपड़ा बनाया जाता है. इसका सूता काफी सूक्ष्म और महीन होता है. इसकी कीमत 14 हजार रुपये से लेकर 44 हजार रुपये तक होती है. इसकी विशिष्टता है कि पूरी साड़ी आसानी से छोटी अंगूठी के अंदर से निकल जाती है. कालना थाना अंतर्गत कादीपाडा गांव में कई मसलीन कलाकार इसके निर्माण में लगे हैं.
पिछले कई बर्ष से समूचे राज्य में यह साड़ी चर्चा के केंद्र में रही है. राज्य के लघु उद्योग विभाग के अधीन खादी परिषद है. इसकी सहायता से कादीपाड़ा में मसलिन तैयारी करने का क्लस्टर तथा उत्पादन केंद्र बनाया गया है. कलाकारो को लेकर गठित कालना यूवार्स एंड आर्टिजन वेलफेयर सोसाइटी ने मसलीन कलाकारों को रोजगार देने की मांग पर पश्चिम बंगाल खादी बोर्ड के पास प्रस्ताव भेजा है. खादी बोर्ड ने एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया, साथ ही खादी बोर्ड ने 10 तांत और 10 आधुनिक चरखा भी कलाकारों को दिया. कलाकारों ने पूरे उत्साह से साड़ी और स्टोल बनाना शुरू किया है. कलाकार सुकुमार दास के निर्मित मसलीन और स्टोल लंजन और जापान भेजे गये हैं.
खादी बोर्ड ने कालना में निर्मित नौ मसलीन साड़ी को लंदन में भेजा. 40 मसलीन स्टोल जापान को भेजा गया है. एक स्टोल का कीमत 4800 रुपये है. जबकि साड़ी की कीमत थोक में 24 हजार रुपये है. कालना यूवार्स एंड आर्टीजनस वेलफेयर सोसाइटी के सचिव तपन मोदक ने बताया कि आनेवाले समय में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है. लघु उद्योग मंत्री सपन देवनाथ ने गांव का दौरा किया. उन्हें बताया गया कि एक मसलीन साड़ी तैयार करने में तीन महीने का समय लगता है. नक्काशी अधिक होने पर उसकी कीमत 44 हजार रुपये तक पहुंच जाती है.
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