दुर्गापुर : ऐतिहासिक सुरंग परिसर में चिल्ड्रेन पार्क

Updated at : 14 Feb 2019 12:46 AM (IST)
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दुर्गापुर :  ऐतिहासिक सुरंग परिसर में चिल्ड्रेन पार्क

दुर्गापुर : दुर्गापुर नगर निगम की पहल पर सिटी सेंटर के सभी पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. इसी कड़ी में अंबुजा इलाके में ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल पुरानी सुरंग के आसपास बच्चों के पार्क का निर्माण चल रहा है. पार्क निर्माण पूरा होने पर इसे आमलोगो के लिए खोला जायेगा. पार्क का निर्माण इस […]

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दुर्गापुर : दुर्गापुर नगर निगम की पहल पर सिटी सेंटर के सभी पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. इसी कड़ी में अंबुजा इलाके में ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल पुरानी सुरंग के आसपास बच्चों के पार्क का निर्माण चल रहा है. पार्क निर्माण पूरा होने पर इसे आमलोगो के लिए खोला जायेगा. पार्क का निर्माण इस तरह से किया जा रहा है कि बच्चे के खेलने के साथ-साथ बड़े बुजुर्ग भी अपना खाली समय यहां बीता सके.

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में अंबुजा शहर में आसनसोल-दुर्गापुर विकास बोर्ड की लॉटरी के माध्यम से मिली जमीन पर घर बनाते समय जमीन में सुरंग मिली थी. दुर्गापुर नगर निगम ने
उस जमीन का अधिग्रहण कर लिया था.राज्य पुरातत्व विभाग के अनुसार सुरंग मध्यकालीन युग की है.इसकी बनावट रोमन राज्य वास्तुकला से मिलती है. नगर निगम बोर्ड ने निगम की धरोहर संरक्षण समिति को इस पुरातात्विक स्थल की ज़िम्मेदारी सौपी. समिति की देखरेख में दुर्गापुर नगर निगम ने 15 अगस्त, 2009 को अंबुजा शहर की ऐतिहासिक पुरातात्विक विरासत के दरवाजे जनता के लिए खोल दिये. लेकिन रखरखाव की कमी के कारण सुरंग जंगल में परिणत हो गई.
असामाजिक गतिविधियां और विषैले जीव-जंतुओं का अड्डा बन गया. हाल ही में मेयर दिलीप अगस्ती ने अंबुजा की प्राचीन सुरंग का पुनरोद्धार शुरू कराया है. स्थानीय लोगों के लिए पार्क का निर्माण सुरंग के शीर्ष पर चल रहा है. जल्द ही पार्क के निर्माण पूरा हो जायेगा. जिसके बाद आम लोगो के लिए इसे खोला जायेगा.
दुर्गापुर : दुर्गापुर नगर निगम की पहल पर सिटी सेंटर के सभी पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. इसी कड़ी में अंबुजा इलाके में ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल पुरानी सुरंग के आसपास बच्चों के पार्क का निर्माण चल रहा है. पार्क निर्माण पूरा होने पर इसे आमलोगो के लिए खोला जायेगा. पार्क का निर्माण इस तरह से किया जा रहा है कि बच्चे के खेलने के साथ-साथ बड़े बुजुर्ग भी अपना खाली समय यहां बीता सके.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में अंबुजा शहर में आसनसोल-दुर्गापुर विकास बोर्ड की लॉटरी के माध्यम से मिली जमीन पर घर बनाते समय जमीन में सुरंग मिली थी. दुर्गापुर नगर निगम ने उस जमीन का अधिग्रहण कर लिया था.राज्य पुरातत्व विभाग के अनुसार सुरंग मध्यकालीन युग की है.इसकी बनावट रोमन राज्य वास्तुकला से मिलती है.
नगर निगम बोर्ड ने निगम की धरोहर संरक्षण समिति को इस पुरातात्विक स्थल की ज़िम्मेदारी सौपी. समिति की देखरेख में दुर्गापुर नगर निगम ने 15 अगस्त, 2009 को अंबुजा शहर की ऐतिहासिक पुरातात्विक विरासत के दरवाजे जनता के लिए खोल दिये. लेकिन रखरखाव की कमी के कारण सुरंग जंगल में परिणत हो गई.
असामाजिक गतिविधियां और विषैले जीव-जंतुओं का अड्डा बन गया. हाल ही में मेयर दिलीप अगस्ती ने अंबुजा की प्राचीन सुरंग का पुनरोद्धार शुरू कराया है. स्थानीय लोगों के लिए पार्क का निर्माण सुरंग के शीर्ष पर चल रहा है. जल्द ही पार्क के निर्माण पूरा हो जायेगा. जिसके बाद आम लोगो के लिए इसे खोला जायेगा.
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