रानीगंज : जामुड़िया से मिनी बसों का परिचालन बंद
Updated at : 22 Jan 2019 12:42 AM (IST)
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रानीगंज : बस कर्मचारी मोहम्मद नसीम सिद्दिकी की मौत के मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को जामुड़िया से दुर्गापुर, आसनसोल, रानीगंज, हरिपुर आदि रूट में चलने वाली बसों के कर्मियों ने हड़ताल की. इसके कारण इन रूटों पर बसों का परिचालन बंद रहा. हड़ताली कर्मियों ने कहा कि मुआवजा मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी. […]
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रानीगंज : बस कर्मचारी मोहम्मद नसीम सिद्दिकी की मौत के मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को जामुड़िया से दुर्गापुर, आसनसोल, रानीगंज, हरिपुर आदि रूट में चलने वाली बसों के कर्मियों ने हड़ताल की. इसके कारण इन रूटों पर बसों का परिचालन बंद रहा.
हड़ताली कर्मियों ने कहा कि मुआवजा मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी. आसनसोल मिनी बस एसोसिएशन से जुड़े सुदीप राय ने कहा कि मृतक स्थाई कर्मी न होकर बदली कर्मी था तथा ऐसी स्थिति में बदली कर्मियों के लिए एसोसिएशन के पास कोई व्यवस्था नहीं है.
आसनसोल सदर महकमाशासक प्रलय रायचौधरी ने कहा कि वे इस मामले की जानकारी ले रहे हैं. लाइफ लाइन मानी जानेवाली मिनी बसों का परिचालन बंद रहने से इन रूटों के हजारों यात्रियों को काफी परेशानी हुई.
हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि जामुड़िया थाना मोड़ निवासी तथा मिनी बस एसोसिएशन के कर्मचारी मोहम्मद नसीम सिद्दिकी (29) की मौत दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में हो गई थी. बीते एक जनवरी को उसकी मोटरसाइकिल की टक्कर जामुडिया परिहारपुर में ही दोमहानी से जामुड़िया आने के दौरान हो गई थी.
वह उसमें गंभीर रूप से घायल हो गया था. तत्पश्चात उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिहारपुर निवासी वाहन चालक की मृत्यु दो दिन पहले हो गई और मोहम्मद नसीम की मृत्यु 20 जनवरी को हुई. मोहम्मद नसीम का नाम केन्द्र सरकार द्वारा प्रदत्त आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आया था.
परन्तु पश्चिम बंगाल में यह योजना लागू नहीं करने के कारण ही मोहम्मद नसीम के पिता पर काफी कर्ज अस्पताल के बिल चुकाने में ही हो गया है. मृतक के भाई फैजल ने बताया कि मध्यमवर्गीय परिवार से हैं तथा भाई के इलाज के लिए जितना संभव हो सका, उतना किया.
ज्यादा खर्च होने के कारण आसनसोल मिनी बस एसोसिएशन के पास भी गये लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला, केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया, जब उन्होंने इसकी जानकारी ली तो पता चला कि इस योजना का लाभ बंगाल में नहीं मिल पा रहा है और इसका लाभ झारखंड, बिहार, तमिलनाडु तथा अन्य जगहों पर मिल रहा है.
भाजपा नेताओं ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना सभी गरीब वर्ग के लोगों के हित के लिए है और यदि बंगाल सरकार उस योजना को बंगाल में लागू कराने में सहयोग करती तो मोहम्मद नसीम समेत उन जैसे कई परिवार अपने परिजनों के इलाज के लिए कर्ज लेने पर मजबूर नहीं होते.
हालांकि जानकार सूत्रों ने कहा कि यह योजना केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के संयुक्त आर्थिक सहयोग से लागू होती है. इसमें 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार को तथा 40 फीसदी राशि राज्य सरकार को देनी पड़ती है.
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