बराकर : पशु खरीद कर लाने पर लगता है डर, देनी होती है रंगदारी, दूध का व्यवसाय समेटने की तैयारी में व्यवसायी
Updated at : 10 Dec 2018 12:22 AM (IST)
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बराकर : गौरक्षा के नाम पर विभिन्न राज्यों में हो रही जबरन वसूली के कारण बराकर के खटाल संचालक तथा दुग्ध व्यवसायियों ने व्यवसाय समेटने का विचार शुरू कर दिया है. मालूम हो कि बराकर में नैनीजोर खटाल, फरसा डंगाल, झनकपुरा, रामचन्द्र डंगाल, बीसीसीएल कॉलोनी, स्टेशन रोड स्थित ग्वाला पट्टी और मारवाड़ी विद्यालय के निकट […]
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बराकर : गौरक्षा के नाम पर विभिन्न राज्यों में हो रही जबरन वसूली के कारण बराकर के खटाल संचालक तथा दुग्ध व्यवसायियों ने व्यवसाय समेटने का विचार शुरू कर दिया है.
मालूम हो कि बराकर में नैनीजोर खटाल, फरसा डंगाल, झनकपुरा, रामचन्द्र डंगाल, बीसीसीएल कॉलोनी, स्टेशन रोड स्थित ग्वाला पट्टी और मारवाड़ी विद्यालय के निकट भरत नगर आदि स्थानों पर या तो खटाल हैं या दुग्ध व्यवसायी रहते हैं.
करीब ढ़ाई हजार गाय तथा भैसों का दूध खुले बाजार में या आवासों में सप्लाई होता है. खटाल संचालक या दुग्ध व्यवसायी गाय और भैंस बिहार तथा उत्तर प्रदेश से खरीदकर लाते है. बाजार या मेला से इन पशुओं की खरीदारी करने पर क्रय सर्टिफिकेट मिलता है. उत्तर प्रदेश, झारखंड तथा बिहार में उक्त प्रमाण पत्रों तथा पुलिस कोई महत्व नहीं देती है.
पशु लदे वाहनों को या त पुलिस पकड़ती है या गौ रक्षा के नाम पर सक्रिय युवक. जांच के नाम पर वाहन चालकों तथा व्यवसायियों के साथ मारपीट की जाती है तथा तस्करी बता रंगदारी टैक्स की मांग होती है. मनचाही राशि नहीं देने पर पशुओं को भगा दिया जाता है तथा व्यवसायियों को झूठे मामले में फंसा दिया जाता है.
15 दिन पहले बराकर ग्वालापट्टी के जवाहर यादव तथा बर्नपुर का व्यवसायी सोनपुर पशु मेला से पशु खरीदकर ला रहे थे. गिरिडीह जिला के बेंगाबाद थाना इलाके में कथित गौरक्षकों ने वाहनों को रोक दिया.
20 बाइकों पर सवार युवकों ने रंगदारी टैक्स की मांग की. इंकार करने पर पीट-पीट कर हत्या करने कई धमकी दी. राशि नहीं देने पर व्यवसायियों को बेंगाबाद थाना पुलिस को सौंप दिया गया. इसके चार दिन पहले बराकर के ही मेघनाथ यादव, हरि यादव, राम बालक यादव, कालू यादव को झारखंड के एक थाने में गौरक्षकों ने बंद करा दिया था.
जवाहर यादव ने बताया कि गौरक्षा के नाम पर यूपी ,बिहार तथा झारखंड में युवकों की टीम रंगदारी टैक्स वसूल रही है. यदि बंगाल सरकार उक्त राज्यो से इस मामले में बात-चीत नहीं करती है तो यहां पर दूध का व्यवसाय बंद करना पड़ेगा. सुरेन्द्र यादव ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर भगवाधारी युवकों की टीम आतंक मचा रहे हैं. बराकर में भी परेशानी शुरू की जा रही है.
दूध विक्रेता मोहम्मद शहीद ने कहा कि पशु खरीदकर लाने के बाद भी लोग झारखंड तथा यूपी में रंगदारी मांगते है जबकि दूध बिक्री करने के लिए पशु लाते हैं. रामबाबू यादव ने कहा कि इस तरह की धांधली होगी तो इलाके में जल्द ही दूध बिक्री बंद कर दी जायेगी. नागेन्द्र यादव ने बताया कि जानवर लाने के वक्त काफी भय बना रहता है ताकि गौरक्षक हत्या ना कर दे.
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