प्रबंधन का इनकार, क्वार्टर आवंटन प्रक्रिया पर ग्रहण
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

दुर्गापुर : इस्पात नगर के क्वार्टर आवंटन प्रक्रिया संबंधी मामले पर फिर ग्रहण लग गया है. इस्पात प्रबंधन खाली पड़े क्वार्टरों को लाइसेंस अथवा रेंटल के तहत आवंटित करने के एकदम मूड में नहीं है. लाइसेंसधारियों के पिछले बकाया का भुगतान करने के बाद ही मामले में कोई प्रक्रिया शुरू करने की संभावना जताई गई […]
विज्ञापन
दुर्गापुर : इस्पात नगर के क्वार्टर आवंटन प्रक्रिया संबंधी मामले पर फिर ग्रहण लग गया है. इस्पात प्रबंधन खाली पड़े क्वार्टरों को लाइसेंस अथवा रेंटल के तहत आवंटित करने के एकदम मूड में नहीं है. लाइसेंसधारियों के पिछले बकाया का भुगतान करने के बाद ही मामले में कोई प्रक्रिया शुरू करने की संभावना जताई गई है.
क्वार्टर आवंटन प्रक्रिया मामला रद्द हो जाने के कारण क्वार्टर मिलने की उम्मीद में बैठे सेवानिवृत्त कर्मियों में मायूसी छा गई है. इस्पात भवन के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिस (सीइओ) में क्वार्टर आवंटन प्रक्रिया सहित बिजली, पानी, स्ट्रीट लाइट, सड़क की सुविधाओं को बहाल करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया था. बैठक की अध्यक्षता संयंत्र के सीईओ एक रथ ने की.
इस दौरान बैठक में डीएसपी के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं छह यूनियनों के प्रतिनिधि मौजूद थे. बैठक के दौरान क्वार्टर आवंटन प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया गया है. वर्ष 2008 में लाइसेंस के तहत आवंटित किये गये क्वार्टरों की रिन्यूअल फीस जमा नहीं होने तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया गया है.
बताया जाता है कि दुर्गापुर इस्पात संयंत्र के अधीन करीब 25 हजार क्वार्टर हैं. वर्ष 2001 में लीज के तहत आवंटन प्रक्रिया शुरू की गई थी. प्रथम चरण में पांच हजार लोगों को क्वार्टर लीज के तहत आवंटित की गयी थी. इस प्रक्रिया को वर्ष 2008 में बदलकर लाइसेंस में परिणत कर करीब 28 सौ लोगों को क्वार्टर मुहैया कराया गया. लाइसेंस प्रक्रिया में खामियां होने के कारण प्रबंधन ने रेंटल के जरिए वंटन प्रक्रिया शुरू की.
लेकिन प्रबंधन ने तय की गई रेंटल राशि को सेवानिवृत्त श्रमिकों ने मानने से इनकार कर दिया तब से यह मामला अधर में लटका हुआ है. वर्तमान समय में करीब 35 सौ खाली क्वार्टर है. सेवानिवृत्त श्रमिकों ने प्रबंधन पर मनमाना बिजली, पानी एवं एरियर राशि में बेतहाशा वृद्धि करने का आरोप लगाते हुये हाईकोर्ट में याचिका दायर करा दी है. लाइसेंस के अधीन दिये गये क्वार्टरों को हर तीन वर्ष के अंतराल पर रिन्यूअल करने का समझौता किया गया था.
लेकिन अब तक सिर्फ 400 लोगों ने ही समझौता पत्र के मुताबिक रिन्यूवल कराया है. अब भी 24 सौ लोगों का रिन्यूअल बाकी है. रिन्यूवल न कराने से प्रबंधन को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट करते हुये कहा कि रिन्यूवल का बकाया पूरा न होने तक आवंटन प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










