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अदालत ने तृणमूल सांसद को माफी मांगने को कहा - लगाया 50 लाख का हर्जाना भी

Updated at : 02 Jul 2024 1:49 AM (IST)
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अदालत ने तृणमूल सांसद को माफी मांगने को कहा - लगाया 50 लाख का हर्जाना भी

उन्होंने आरोप लगाया था कि तृणमूल नेता साकेत गोखले ने जिनेवा में उनके (पुरी) स्वामित्व वाले एक अपार्टमेंट के संदर्भ में उनकी वित्तीय स्थिति के बारे में झूठे आरोप लगा कर उनकी छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल किया है.

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एजेंसियां, नयी दिल्ली

दिल्ली हाइकोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्यसभा में पार्टी के सांसद साकेत गोखले को स्विट्जरलैंड में एक संपत्ति की खरीद को लेकर पूर्व राजनयिक लक्ष्मी मुर्देश्वर पुरी के खिलाफ अपमानजनक ट्वीट करने के लिए उनसे माफी मांगने और 50 लाख रुपये का हर्जाना देने का निर्देश दिया. संयुक्त राष्ट्र की पूर्व सहायक महासचिव द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद को उनके द्वारा लगाये गये गंभीर आरोप के संबंध में किसी भी सोशल मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मंच पर कोई भी सामग्री प्रकाशित करने से भी रोक दिया. अदालत ने अपने आदेश में कहा: आपत्तिजनक ट्वीट अपने आप में मानहानिकारक हैं और इससे वादी की प्रतिष्ठा को अनावश्यक रूप से कानूनी क्षति पहुंची है, जिसके लिए निवारण आवश्यक है. पूर्व राजनयिक लक्ष्मी मुर्देश्वर पुरी ने वर्ष 2021 में ही दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि तृणमूल नेता साकेत गोखले ने जिनेवा में उनके (पुरी) स्वामित्व वाले एक अपार्टमेंट के संदर्भ में उनकी वित्तीय स्थिति के बारे में झूठे आरोप लगा कर उनकी छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल किया है. न्यायमूर्ति भंभानी ने कहा कि आपत्तिजनक ट्वीट से वादी की प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की पूरी तरह भरपायी नहीं की जा सकती है, लेकिन कम से कम बिना शर्त माफी मांगनी जरूरी है.

क्या कहा कोर्ट ने

अदालत ने कहा कि प्रतिवादी (गोखले) को निर्देश दिया जाता है कि वह अपने उसी ट्विटर (अब एक्स) हैंडल पर माफीनामा साझा करें, जिससे आपत्तिजनक ट्वीट किये गये थे और साथ ही माफीनामा को एक समाचार पत्र में भी प्रमुखता से प्रकाशित करायें. पीठ ने कहा : यह अदालत का विचार है कि किसी भी राशि से प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की वास्तविक भरपाई नहीं हो सकती. हालांकि, प्रतिवादी (गोखले) को आठ सप्ताह के अंदर वादी को 50 लाख रुपये का हर्जाना देने का निर्देश दिया जाता है. अदालत ने कहा कि माफीनामा साझा किये जाने की तारीख से छह महीने तक ये गोखले के ‘एक्स’ हैंडल पर बना रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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